नई दिल्ली. मुर्गी पालन का काम एक ऐसे बिजनेस का रूप ले रहा है, जिसे न सिर्फ किसान बल्कि अन्य लोग भी कर रहे हैं और इससे उन्हें खूब कमाई हो रही है. खासतौर पर किसानों के लिए ये काम तो बहुत अच्छा है. क्योंकि इससे उनकी इनकम दोगुनी हो सकती है. यदि आप भी मुर्गी पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विकसित की गई वनश्री नस्ल की मुर्गी बहुत अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. क्योंकि इस मुर्गी को पालने से आप अंडे और मीट दोनों का उत्पादन करते हैं.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट की मानें तो इस मुर्गी की ये खासियत है कि ये घर के किचन वेस्ट को भी आसानी से खा लेती है और प्रोटीन से भरपूर अंडों और मीट का उत्पादन करती है. घर में पड़े अनाज के टुकड़े दाने आदि को भी यह खाना पसंद करती है. इसके चलते कम खर्च में पल जाती है.
जानें वनश्री की क्या है खासियत
एक्सपर्ट का कहना है कि इसी वजह से इस वनश्री मुर्गी की यह खासियत है कि कम खर्चे में इससे बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है.
वनश्री नस्ल की मुर्गी का अंडा भी खूब बिकता है जबकि इसका मांस भी महंगा मिलता है. इसकी डिमांड भी रहती है.
आपको यहां ये भी बताते चलें कि इसे असील मुर्गे और एक विदेशी नस्ल से मिलाकर तैयार किया गया था, इसका रंग हल्का पीला भरा होता है.
यह बहुत सक्रिय होती है. इसकी वजह से इसे शिकारी जानवरों का भी खतरा नहीं रहता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि वनश्री नस्ल की मुर्गी 1 साल में तकरीबन 170 अंडे का उत्पादन करती है. अगर बाजार में 8 रुपए में भी अंडा बिकता है तो इससे आपको हो फायदा हो सकता है.
यदि कोई 100 मुर्गियों को पालता है तो सिर्फ अंडों के उत्पादन से ही महीने में हजारों रुपए का मुनाफा कमा सकता है.
निष्कर्ष
वनश्री मुर्गी घर के किचन वेस्ट और इधर-उधर पड़े अनाज आदि को खाकर अपना पेट भर लेती और उत्पादन करती है. इस वजह से इस मुर्गी को पालना ज्यादा फायदेमंद रहता है.












