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Fisheries: मछली पालन में रखें इन बातों का ख्याल, उत्पादन मिलेगा अच्छा

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
तालाब में मछली निकालते मछली पालक

नई दिल्ली. मछली पालन में अच्छी कमाई करने के लिए मछलियों की निगरानी और उनके स्वास्थ्य की देखभाल करना बेहद ही जरूरी है. स्वास्थ्य की देखभाल का मतलब यह है कि मछलियां मौसम के परिवर्तन के साथ बीमार भी हो जाती हैं. इसके अलावा उन्हें कई तरह की दिक्कतें आती हैं. यदि आप उनके स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं तो इससे उत्पादन बेहतर मिलता है और आपको मछली पालन के काम में ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है. वहीं निगरानी का मतलब यह है कि तालाब का पीएच लेवल, ऑक्सीजन, अमोनिया और मछलियों की ग्रोथ आदि पर नजर बनाए रखना चाहिए.

भारत सरकार के मछली पालन विभाग (Department of Fisheries, Government of India) के एक्सपर्ट की मानें तो मछलियों को रेगुलर चारा देना चाहिए. विटामिन और मिनरल्स की कमी उन्हें कभी भी नहीं होनी चाहिए. यानी उन्हें विटामिन और मिनरल से भरपूर चारा देना चाहिए. इससे उनकी ग्रोथ अच्छी होती है और उत्पादन बेहतर मिलता है. एक्सपर्ट की ओर से बताया गया कि इससे कल्चर भी जल्दी पूरा हो जाता है.

क्यों पड़ता है उत्पादन पर असर
मछली पालन में समय-समय पर प्रोबायोटिक का इस्तेमाल करते रहना चाहिए. प्रोबायोटिक का इस्तेमाल करने से पानी का पीएच और तालाब का ऑक्सीजन लेवल भी सही रहता है. इसके अलावा इससे अमोनिया लेवल भी बैलेंस रहता है.

एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि तालाब में ऑक्सीजन और अमोनिया को बैलेंस रखना बेहद जरूरी है, नहीं तो इससे मछलियों की ग्रोथ रुक जाती है और उत्पादन पर असर पड़ता है.

मछली पालन में मछलियों का रिकॉर्ड रखना भी बेहद जरूरी होता है. मतलब आपने कितनी मछलियों के बीज को तालाब में डाला है.

मछलियों का कितना वजन बढ़ा है और कितनी बढ़त हो रही है. जबकि चारा कितना खरीदना पड़ा है, यह सब भी रिकॉर्ड रखना चाहिए.

इससे न सिर्फ आपको नुकसान से बचत होगी. बल्कि अगली बार आप मछली पालन के लिए तालाब में बीज डालेंगे तो और बेहतर योजना बनाकर काम कर सकेंगे. जिससे आपका फायदा होगा.

निष्कर्ष
किसी भी काम को जानकारी के साथ करने से फायदा होता है. इससे काम में सफलता मिलती है. इसी तरह से मछली पालन का भी काम है. इसे सही तरीके से किया जाए तो फायदा ज्यादा होता है.

Written by
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