नई दिल्ली. देसी मुर्गी पालन में बीमारी की वजह से बहुत नुकसान होता है. इसलिए बेहद जरूरी है कि मुर्गियों को बीमारियों से बचाया जाए और ये तभी संभव है, जब आपको ये पता होगा कि मुर्गियां बीमार हैं तो उनके सिम्टम्स क्या हैं. हालांकि आपको अगर ये भी मालूम पड़ जाए कि स्वस्थ मुर्गियों की पहचान क्या है तो भी आप बीमारी के आने का पता लगा सकते हैं. बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Fisheries, Government of India) की ओर से इस बारे में अहम जानकारी साझा की गई है.
लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) यहां आपको बताएगा कि स्वस्थ मुर्गियों की क्या पहचान होती है. यदि आप इस बारे में डिटेल से जानना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट को पूरा पढ़ें. ताकि हैल्दी मुर्गियों की पहचान क्या है इसकी जानकारी आप मुकम्मल तौर पर हो जाए.
यहां पढ़ें स्वस्थ मुर्गियों की पहचान क्या है
पहली पहचान की बात की जाए तो स्वस्थ मुर्गियों की कलगी और लटकन गुलाबी या लाल और चिकनी होती है.
देसी मुर्गियों की फीकी, सूजी हुई या नीली कलगी, बीमारी या ऑक्सीजन की कमी का संकेत देती हैं.
यदि आपकी मुर्गियां स्वस्थ हैं तो ऐसी मुर्गियों के पंख चमकदार, घने, और शरीर से चिपके होते हैं.
यदि मुर्गियों में टूटे-बिखरे या फूले हुए पंख दिखें तो जान लें कि ये कमजोरी या बीमारी का लक्षण हैं.
स्वस्थ मुर्गियां पूरे दिन चलती-फिरती, दाना चुगती, जमीन कुरेदती रहती हैं. यानि एक जगह जल्दी नहीं बैठती हैं.
वहीं सुस्ती, कोने में बैठना, कम खाना उसके अस्वस्थ होने का इशारा माना जाना चाहिए.
स्वस्थ मुर्गियों की आंखें चमकीली, साफ, खुली और बिना पानी वाली होती है.
आंख से पानी निकलना, सूजन या धुंधलापन बीमारी की ओर इशारा करता है.
वहीं स्वस्थ और तनावमुक्त मुर्गियां ज्यादा अंडे देती हैं, ज्यादा उत्पादन यानि मुर्गियां स्वस्थ हैं.
हैल्दी मुर्गियों का मांस जल्दी तैयार होता है. वहीं रोज 14-16 घंटे की रोशनी से अंडे बढ़ते हैं.
निष्कर्ष
यदि आपको स्वस्थ और बीमार मुर्गियों की पहचान हो गई तो इससे आप पोल्ट्री फार्मिंग के काम में खुद को नुकसान से बचा सकते हैं.











