नई दिल्ली. दूध उत्पादन के मामले में भारत दुनिया का नंबर वन देश है. जबकि विकसित देशों में शुमार अमेरिका भी दूध उत्पादन के मामले में भारत के आसपास नहीं है. हालांकि जहां भारत दूध उत्पादन के मामले में नंबर वन है तो वही प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में कई देशों से पीछे है. इसके पीछे वजह कई है. क्योंकि भारत में पशुओं की संख्या बहुत ज्यादा है. इस वजह से दूध उत्पादन में भारत लगातार पहले स्थान पर बना हुआ है. हालांकि एक्सपर्ट और डेयरी सेक्टर पर करीब से नजर रखने वाले लोगों का कहना है कि भारत को प्रति पशु दूध उत्पादन क्षमता और ज्यादा बढ़ाने की जरूरत है. ताकि आने वाले वक्त में डिमांड के मुताबिक दूध उत्पादन में कमी न आ पाए.
अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो साल 2024 के आंकड़े ये कहते हैं कि भारत में 24 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था और प्रति व्यक्ति हिस्से में 471 ग्राम दूध आया था लेकिन आने वाले 10 साल में प्रति व्यक्ति दूध की डिमांड और ज्यादा बढ़ेगी. इसलिए भारत को ज्यादा मात्रा में दूध उत्पादन करना होगा.
क्या उठाए जा रहे हैं कदम
वहीं केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें दूध उत्पादन को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं कई ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिससे पशुपालन बढ़े और दूध उत्पादन भी बढ़ाया जा सके.
किसानों को लोन और सब्सिडी मुहैया कराई जा रही है. जिससे वो पशुपालन के काम में आगे आएं और दूध उत्पादन को बढ़ा सकें.
मध्य प्रदेश जैसे राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु जैसी योजना चलाई जा रही है. जिसमें बड़े लेवल पर डेयरी फार्मिंग करने के लिए 40 लाख रुपए तक का लोन दिया जा रहा है.
हालांकि डेयरी सेक्टर पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत में प्रति पशु दूध उत्पादन क्षमता बीमारियों की वजह से भी कम है.
कई ऐसी बीमारियां हैं जो पशुओं के दूध उत्पादन में कमी का की वजह बनती हैं. जिसे पार पाना भी जरूरी है.
वहीं सरकार की तरफ से फ्री वैक्सीनेशन और पशुओं की बीमारियों से निपटने के लिए दूसरे तरीकों पर काम किया जा रहा है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में 33 तक तकरीबन 33 करोड़ दूध उत्पादन करने की जरूरत होगी.
निष्कर्ष
आबादी के मुताबिक डिमांड पूरा करने के लिए ये आंकड़े छूने होंगे. वहीं भारत जिस गति से दूध उत्पादन बढ़ा रहा है उससे दोगुनी गति से दूध उत्पादन बढ़ेगा तभी यह टारगेट पूरा किया जा सकता है.












