नई दिल्ली. मछली पालन भी एक ऐसा काम है, जिससे किसानों की इनकम बढ़ सकती है. बहुत से किसान जो कृषि पर निर्भर थे अब उन्होंने मछली पालन का काम भी शुरू कर दिया है. जिससे उनकी आमदनी दोगुना हुई है. इसका एक दूसरा फायदा ये भी हुआ है कि भारत मछली उत्पादन के मामले में दुनिया भर में दूसरे स्थान पर आ गया है. साल दर साल देश में मछली उत्पादन बढ़ रहा है. वहीं बिहार भी मछली उत्पादन के मामले में तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है. यहां भी लगातार मछली का उत्पादन बढ़ता चला जा रहा है. जिसका फायदा मछली किसानों को हो रहा है.
गौरतलब की केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मछली पालन को बढ़ावा देने का काम देशभर में किया जा रहा है. ताकि देश में ब्लू इकोनामी को बढ़ाया जा सके. इसका फायदा भी मिल रहा है और आंकड़ों के मुताबिक देश में इस साल 195 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ है.
कितना हुआ मछली उत्पादन
वहीं अलग-अलग राज्यों में भी कई योजनाओं को शुरू करके मछली पालन में ग्रोथ दर्ज की गई है और राज्य में मछली उत्पादन बढ़ गया है.
बिहार राज्य की बात करें तो यहां भी मछली उत्पादन में इजाफा हुआ है. पिछले साल के मुकाबले तकरीबन 10 फीसद ज्यादा मछली उत्पादन इस बार राज्य में किया गया है.
डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, मत्स्य निदेशालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों पर गौर किया जाए तो साल 2023—24 में बिहार में 8.73 लाख टन मछली का उत्पादन किया गया था.
वहीं इस बार आंकड़ा बढ़ गया है. इस साल यानी 2024—25 में राज्य में 9.59 टन मछली का उत्पादन हुआ है. सरकारी आंकड़े कहते हैं कि 9.85 फीसद की दर से इस साल मछली उत्पादन बढ़ा है.
गौरतलब है कि बिहार में मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना, मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना, फिश फीड मिल विद्युत सहायता योजना और केंद्र की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी कई योजनाएं चल रही हैं.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है की मछली पालन एक ऐसा काम है, जिससे किसानों की इनकम बढ़ सकती है. कम होती कृषि भूमि को देखते हुए मछली पालन भी एक अच्छा काम हो सकता है. इसलिए सरकार इसको बढ़ावा देने का काम कर रही है.











