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Scheme: मछुआरों को सरकार दे रही आर्थिक मदद, जानें क्या है योजना

Under the Prime Minister Matsya Sampada Yojana (PMMSY), the flagship scheme of the Government of India in Andhra Pradesh, a total investment of Rs 2300 crore has been envisaged in the fisheries sector for five years. livestockanimalnews
समुंद्र से मछली पकड़ते मछुआरे. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. बिहार में मछली पालन लोगों की कमाई का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है. राज्य सरकार व मत्स्य विभाग मछुआरों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ रोजगार उपलब्ध कराते हुए आर्थिक पक्ष मजबूत करने के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है. इसी क्रम में अब डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग मछुआरों के लिए एक खास योजना लेकर आयी है. इस योजना के तहत मछुआरों को नाव व जाल की खरीद के लिए सरकार अनुदान देने जा रही है. पैकेज वितरण योजना के तहत मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य या परंपरागत मछुआरों को नाव या जाल की खरीद पर 90 फीसदी अनुदान दिया जाएगा.

इसके लिए मछुआरों को 31 दिसंबर तक आवेदन करना है. जाल से लेकर नाव के लिए निर्धारित की गयी राशि डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत फिशिंग उड़ेन बोट पैकेज के लिए इकाई लागत एक लाख 24 हजार चार सौ रुपये, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज के लिए एक लाख 54 हजार चार सौ रुपये और कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज के लिए 16 हजार सात सौ रुपये निर्धारित की गयी है.

पढ़ें योजना की सभी डिटेल यहां
सिर्फ एक जिले विभिन्न प्रखंडों के लिए 219 यूनिट का लागत मूल्य 77 लाख 46 हजार 840 रुपए का लक्ष्य रखा गया है. इसमें फिशिंग उड़ेन बोट पैकेज का भौतिक लक्ष्य 14 यूनिट का लागत मूल्य 15 लाख 67 हजार 440 रुपए है.

इसी प्रकार फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज का भौतिक लक्ष्य 25 यूनिट का लागत मूल्य 34 लाख 74 हजार रुपए और कोस्ट (फेका) जाल का भौतिक लक्ष्य 180 यूनिट का लागत मूल्य 27 लाख पांच हजार चार सौ रुपये निर्धारित किया गया है.

इस योजना के तहत मछली पालन करने वाले मछुआरों को नाव एवं जाल की खरीद पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा.

इसके लिए संबंधित लाभुकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदनों का सत्यापन कर लाभार्थियों का चयन उपमत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा.

इस संबंध में अधिक जानकारी जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है. नाव एवं जाल खरीदने के लिए विभिन्न कागजातों की जरूरत है.

आवेदन के साथ अपना मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आइएफएससी कोड, आधार नंबर, बैंक खाता और मत्स्य शिकार माही से संबंधित कागजातों को लगाना आवश्यक है.

इस योजना का लाभ परंपरागत मछुआरों के साथ-साथ महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति के मछुआरे भी ले सकेंगे.

Written by
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