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Animal News: पशुओं के लिए भरपूर मिले चारा, सरकार ने हजारों हेक्टेयर चारागाह भूमि से हटवाया कब्जा

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है. गो-आश्रय स्थलों में रखे गए बेसहारा गोवंश की देखभाल तय करने के लिए प्रदेश भर में गोचर और चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है. वहीं इसका सकारात्मक असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है. प्रदेश में उपलब्ध कुल 61118.815 हेक्टेयर गोचर एवं चारागाह भूमि है. जिसमें 7140.37 हेक्टर चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करके हरा चारा उत्पादन किया जा रहा है.

ये कोशिश न केवल पशुओं के पोषण स्तर को बेहतर बना रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को भी मजबूती प्रदान कर रही है. योगी सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा लक्ष्य तय किया है. आने वाले दो वर्षों में 35000 हेक्टेयर कब्जामुक्त एवं सिंचित चारागाह भूमि पर हरा चारा उत्पादन कराया जाएगा. इसके लिए योजना बनाकर काम किया जा रहा है.

सरकार ने कितनी जमीन को कराया कब्जा मुक्त, जानें यहां
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रदेश में 1691.78 हेक्टेयर क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर चारा और 5448.59 हेक्टेयर में अन्य हरे चारे (जई, बरसीम आदि) की बुआई की जा चुकी है.

इससे गोवंश को सालभर पौष्टिक और संतुलित आहार उपलब्ध हो सकेगा. प्रदेश के हरदोई, सुल्तानपुर, कानपुर नगर और रामपुर जनपदों में हरा चारा उत्पादन में बेहतरीन वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं टैग्ड गोचर भूमि पर शत-प्रतिशत हरा चारा उत्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है.

गोचर एवं चारागाह भूमि का समतलीकरण, सुरक्षाबाड़ा एवं खाई निर्माण जैसे कार्य मनरेगा कन्वर्जेन्स के माध्यम से कराए जा रहे हैं.

जिससे ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है और पशुओं के लिए सुरक्षित चारागाह भी विकसित हो रहे हैं.

योगी सरकार ने गोवंश के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शीतलहर से बचाव के लिए बोरा-चट्ट ओढ़ाने, तिरपाल लगाने का निर्देश दिया है.

सरकार ने गो-आश्रय स्थलों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें.

कुल मिलाकर हरा चारा उत्पादन, चारागाह विकास और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के माध्यम से योगी सरकार यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ पशु कल्याण भी शासन की प्राथमिकता है.

यह पहल न केवल गोवंश संरक्षण को मजबूती दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को पशुपालन के क्षेत्र में एक सशक्त मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है.

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