Home डेयरी Milk Production: बदलते मौसम में दूध का उत्पादन हो सकता है कम, संतुलित आहार जरूर दें
डेयरी

Milk Production: बदलते मौसम में दूध का उत्पादन हो सकता है कम, संतुलित आहार जरूर दें

Milk Production, Dairy News, UP Dairy News, A-Help Scheme, Animal Husbandry, Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission, Yogi Government, CM Yogi, UP CM
Symbolic pic

नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले पशुपालक भाई ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि अगर पशु का दूध उत्पादन कम हो जाए तो फिर डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में नुकसान होने लगता है. क्योंकि दूध उत्पादन कम होने से दोहरा नुकसान होता है. एक तो जितना लीटर उत्पादन कम होगा उस हिसाब से नुकसान होगा, दूसरा ये कि पशु को चारा तो खिलाना ही पड़ता है. इसलिए लागत भी बढ़ जाती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि डेयरी फार्मिंग करने वाले पशुपालकों की ये कोशिश होनी चाहिए कि वो पशुओं का सही ढंग से ख्याल रखें ताकि दूध का उत्पादन कम न हो सके.

जानकारी के लिए बता दें कि बदलते मौसम और खानपान में की गई कमी के चलते भी पशु का दूध उत्पादन कम हो जाता है. जैसे इस वक्त मौसम बदल रहा है तो पशुओं को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है. वहीं उनके खानपान में दूध उत्पादन के लिए हर वो जरूरी चीजें शामिल की जानी चाहिए, जिससे उत्पादन प्रभावित न हो.

दूध उत्पादन कम होने के कारण जानें यहां
एक्सपर्ट के मुताबिक गलत या कम पोषण व संतुलित आहार न मिलने से पशु का दूध उत्पादन कम हो जाता है.

पशुओं में पानी की कमी से भी ऐसा होता है. इसलिए साफ और पर्याप्त पानी पशुओं को मुहैया कराना चाहिए.

बीमारियां भी दूध उत्पादन घटा देती हैं. खुरपका-मुंहपका, गलघोटू, थनैला आदि रोगों से बचाव करना जरूरी है.

तनाव भी दूध उत्पादन में कमी का कारण है. माहौल बदलना, शोर, भीड़, बार-बार जगह बदलने से पहरेज करना चाहिए.

उम्र बढ़ने पर स्वाभाविक रूप से दूध उत्पादन का कम हो जाता है.

पशुओं में खनिज की कमी नहीं होने देना चाहिए. कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन आदि की कमी न होने दें.

बदलते मौसम में दुधारू पशुओं के प्रबंधन की बात करें तो संतुलित आहार देते रहें.

मौसम बदलने पर पशु की ऊर्जा की जरूरतें बदल जाती हैं.

अचानक से केवल हरा चारा न दें, इसे सूखे चारे के साथ मिलाकर खिलाएं. इससे पशु का पाचन खराब नहीं होता.

पशु के आहार में 40-50 ग्राम खनिज मिश्रण जरूर शामिल करें. यह उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.

दूध उत्पादन कम होने के अन्य कारण पर गौर किया जाए तो गलत दुहाई प्रबंधन भी इसमें प्रमुख है.

एक्सपर्ट का कहना है कि अनियमित समय पर दुहाई करना, थन की ठीक से सफाई न होने से भी दूध उत्पादन कम हो जाता है.

निष्कर्ष
दूध उत्पादन कम होने से नुकसान होता है. डेयरी फार्मिंग में खुद को होने वाले नुकसान से बचाना चाहते हैं तो जरूरी है कि दूध उत्पादन कम न होने दें.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy Sector: इकोसिस्टम में डेयरी किसानों को पहले फायदा पहुंचाने पर दिया जाएगा जोर

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एनडीडीबी को सरकार ने डेयरी सेक्टर...

डेयरी

Milk Production: यूपी में दूध स्टोरेज को बढ़ाने और डेयरी प्लांट के सही उपयोग का प्लान तैयार

नई दिल्ली. भारत दुनियाभर में दूध उत्पादन के मामले में नंबर वन...

According to FSSAI, Mobile Food Testing Laboratory (MFTL), also known as “Food Safety on wheels” (FSW), play a crucial role in expanding food testing, training, and awareness programs, particularly in villages, towns, and remote areas.
डेयरी

Milk Production: बिहार में हर दिन एक करोड़ लीटर दूध का होगा उत्पादन

नई दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में...