नई दिल्ली. केंद्र सरकार के पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव के लिए बिहार में फ्री वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है. इसका फायदा भी पशुपालक उठा रहे हैं. अफसरों की ओर से बताया गया है कि इस मुफ्त वैक्सीनेशन में फ्री वैक्सीन लगवाना चाहते हैं तो जरूरी है कि अपने पास आधार कार्ड और मोबाइल नंबर साथ लाएं. वहीं ईयर टैग भी लगवाना जरूरी है. ताकि उनकी पहचान और रिकॉर्ड सही तरीके से रखा जा सके. ज्यादा से ज्यादा पशुओं को वैक्सीन लगाई जा सके, इसके लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है.
पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि खुरपका एवं मुंहपका रोग एक संक्रमण के कारण होता है. जिसकी वजह से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इस रोग से ग्रसित पशुओं में बुखार, मुंह व खुर में जख्म, भूख में कमी तथा दूध उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याएं सामने आती हैं. उन्होंने बताया कि इसके रोकथाम के लिए ही टीका लगाया जा रहा है.
बीमारी से बचाव के लिए क्या उपाय करें
पशुपालकों को बताया कि मुंह और खुरों को एक प्रतिशत फिटकरी या पोटेशियम परमैगनेट के घोल से धोएं.
घावों पर एंटीसेप्टिक मरहम लगाएं. पशु को नरम और आसानी से पचने वाला भोजन दें.
एक्सपर्ट कहते हैं कि पशुओं को रोगों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण बेहद आवश्यक है.
खुरपका-मुंहपका पशुओं को बहुत परेशान करती है. इसके संक्रमण से पशुओं के मुंह, जुबान व खुरों में गहरे जख्म हो जाते हैं.
इससे न केवल पशुओं की कार्य क्षमता घटती है, बल्कि दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है.
इसके इलाज में होने वाला भारी खर्च पशुपालकों को आर्थिक रूप से कमजोर कर देता है.
टीकाकरण के दौरान आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर अनिवार्य है. पशुओं पर टैग लगाना भी जरूरी है.
इसके बिना पशुओं को मुफ्त में वक्सीन नहीं लगवाई जा सकती है. इसलिए सेंटर पर जाएं तो आधार कार्ड पास में रखें
निष्कर्ष
ये वैक्सीन हर छह माह के गैप पर पशुओं को दिया जाना जरूरी है. एक्स्पर्ट पशुपालकों से आग्रह करते नजर आ रहे हैं कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस फ्री अभियान का फायदा उठाएं व अपनी गायों व भैंसों को टीका अवश्य लगवाएं. एक्सपर्ट का कहना है कि सावधानी व समय पर टीकाकरण ही पशुधन को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय है. अगर ऐसा करते हैं तो फिर पशु का परेशानी से और खुद को नुकसान से बचा पाएंगे.












