Home मछली पालन Government Scheme: PMMSY के तहत फिशरीज सेक्टर के विकास के लिए खर्च होंगे 2500 करोड़ रुपये
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Government Scheme: PMMSY के तहत फिशरीज सेक्टर के विकास के लिए खर्च होंगे 2500 करोड़ रुपये

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. पिछले दिनों लोकसभा में पेश किए गए साल 2026-2027 के केंद्रीय बजट में मछली पालन क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे अधिक कुल वार्षिक बजटीय सहायता राशि 2,761.80 करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई है. इस बजट प्रावधान में 2,530 करोड़ रुपये योजना-आधारित उपायों के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे मछुआरों और मछली पालकों को सीधे तौर पर फायदा होगा. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) मछली पालन विकास का मुख्य आधार बनी हुई है, जिसके लिए साल 2026-27 में 2,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में घोषणा की थी कि तटीय क्षेत्रों में मछली पालन वैल्यू चेन को मजबूत करने और स्टार्टअप्स और महिला नेतृत्व वाले समूहों के साथ-साथ मछली किसान उत्पादक संगठनों (फिश एफपीओ) को शामिल करते हुए मार्केट लिंकेज को सक्षम बनाने के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास के लिए पहल की जाएगी.

तर्देशीय मत्स्य पालन विकास की है बहुत संभावनाएं
भारत में अंतर्देशीय जलाशयों का विश्व का सबसे बड़ा नेटवर्क है, जो लगभग 31.5 लाख हेक्टेयर में फैला हुआ है और अंतर्देशीय मत्स्य पालन विकास के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है.

जल संरक्षण और आजीविका संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए, भारत सरकार ने मिशन अमृत सरोवर के तहत 68,827 अमृत सरोवरों का विकास किया है.

जिनमें से 1,222 सरोवर मछली पालन से जुड़े हैं और मछली पालन एवं जलीय जैव विविधता को बढ़ावा देते हैं. तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करना एक महत्वपूर्ण पहल है.

क्योंकि इसका उद्देश्य प्राथमिक उत्पादकों को प्रोसेसिंग, बिक्री और निर्यात मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ना, कटाई उपरांत होने वाले नुकसान को कम करना, मछुआरों के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करना और अंतिम छोर तक बाजार पहुंच को मजबूत करना है.

इस पहल के तहत, मत्स्य पालन क्षेत्र में लगभग 200 स्टार्टअप को सहायता प्रदान की जाएगी और प्रौद्योगिकी अपनाने और उद्यम विकास को बढ़ावा देने के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा.

इसके अति‍रिक्‍त, विभाग द्वारा नामित 34 उत्पादन और प्रसंस्करण समूहों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला में समूह-आधारित विकास और बेहतर दक्षता संभव हो सकेगी.

मत्स्य विभाग पहले से ही पीएमएमएसवाई और पीएमएमकेएसएसवाई योजनाओं के तहत सहकारी समितियों, मछली किसान उत्पादक संगठनों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देता रहा है.

इन संयुक्त प्रयासों से तटीय क्षेत्रों में लगभग 50 लाख व्यक्तियों को लाभ होने की उम्मीद है.

जिनमें मछुआरे, मत्‍स्‍य कृषक और प्राथमिक उत्पादक शामिल हैं, जो समुद्री भोजन निर्यात और घरेलू मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला दोनों के अभिन्न अंग हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालन

Fisheries: ठंडे पानी की मछली का उत्पादन बढ़ाने को एक मंच पर आए एक्सपर्ट, कई कंपनियां भी हुईं शामिल

नई दिल्ली. मछली पालन विभाग ने श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी में ठंड पानी...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries Scheme: जलीय कृषि किसानों के लिए खुशखबरी, योजना का फायदा उठाकर बढ़ाएं अपनी इनकम

नई दिल्ली. व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नियंत्रित वातावरण (तालाबों, टैंकों, पिंजरों) में...