नई दिल्ली. अंडों के उत्पादन के लिए लेयर नस्ल की मुर्गियों को पाला जाता है और ये अंडों का उत्पादन करके आपको कमाई कराती हैं लेकिन अक्सर कई पोल्ट्री फार्मर्स ये शिकायत करते हैं कि उनकी मुर्गियां खुद ही अपने दिए हुए अंडे को तोड़कर खा जाती हैं. या कई बार उन्हें नष्ट भी कर देती हैं. जिसके चलते सीधे तौर पर पोल्ट्री फार्मर को नुकसान होता है. मान लीजिए कि आपके पास 50 मुर्गियां हैं और उसमें से पांच मुर्गियों को ये बुरी आदत है तो हर दिन आपको एक अंडे के हिसाब से 75 रुपए का नुकसान हो सकता है.
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों द्वारा अपने ही अंडे को तोड़कर खा जाना मुख्य रूप से पोषक तत्वों की कमी की वजह से होता है. असल में मुर्गियों को कैल्शियम और प्रोटीन की कमी होती है और यह तब होता है, जब पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की संख्या अधिक होती है. इससे मुर्गियों के अंडे का छिलका पतला होता है. जिससे कई बार गलती से भी मुर्गियों का अंडा टूट जाता है और एक बार मुर्गियों को अगर इसका स्वाद लग जाता है तो वह बार-बार से तोड़कर खाने लगती हैं.
ऐसे अंडों की करें हिफाजत
एक्सपर्ट कहते हैं कि अंडे बार-बार इकट्ठा करें. आप जितनी ज्यादा बार अंडे इकट्ठा करेंगे, मुर्गियों को उन्हें चोंच मारने का उतना ही कम मौका मिलेगा. दिन में कम से कम दो बार अंडे इकट्ठा करना एक रूटीन बनाएं.
मुर्गियों को सही न्यूट्रिशन दें. पक्का करें कि आपकी मुर्गियों को कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर बैलेंस्ड डाइट मिले. कमर्शियल पोल्ट्री फीड उनकी न्यूट्रिशनल जजरूरतों को पूरा करने के लिए बनाए जाते हैं.
घोंसले बनाने की कंडीशन बेहतर करें. घोंसलों के बॉक्स को साफ और आरामदायक रखें. जिसमें पुआल या छीलन जैसा घोंसला बनाने का काफी सामान हो. घोंसलों के लिए काफी जगह होने से अंडे गलती से टूटने से भी बच सकते हैं.
कुछ पोल्ट्री पालक मुर्गियों को असली अंडों पर चोंच मारने से रोकने के लिए नकली या लकड़ी के अंडों का इस्तेमाल करते हैं.
अंडे खाने से रोकने के लिए घोंसलों के बॉक्स में ये नकली अंडे रखे जाते हैं. इससे मुर्गियों की इस आदत पर काबू किया जा सकता है.
अगर आपको कोई खास मुर्गी अंडा खाती हुई दिखे, तो उन्हें कुछ समय के लिए अलग कर दें जब तक कि यह आदत बंद न हो जाए.
जब वे अंडों में दिलचस्पी न दिखाएं तो उन्हें फिर से अंडे देने के लिए ले आएं.
निष्कर्ष
अंडे खाने की आदत छोड़ने में समय और लगातार कोशिश लग सकती है. सफलता के लिए धैर्य और लगन ज़रूरी है.












