नई दिल्ली. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाले देशों की लिस्ट में नंबर वन पोजीशन पर है. दूध उत्पादन के मामले में अमेरिका जैसे देश भी भारत के आसपास नहीं हैं. जबकि वहां प्रति पशु दूध उत्पादन क्षमता ज्यादा है. भारत में प्रति पशु दूध उत्पादन क्षमता कम है. बावजूद इसके पशुओं की अधिक संख्या की वजह से भारत नंबर वन दूध उत्पादक देश बना हुआ है. वहीं अगर देश में दूध उत्पादन की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करने वाला राज्य है.
बात पहले देश में हुए दूध उत्पादन के आंकड़ों की करें तो देश में 2025 में करीब 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन किया गया था. जिसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है. यूपी में देश के कुल दूध उत्पादन का 15.1 फीसद दूध उत्पादन किया गया. हालांकि राजस्थान उत्तर प्रदेश से बहुत ज्यादा पीछे नहीं है और इस राज्य में भी 14.82 फीसद दूध का उत्पादन किया गया है.
पिछले 9 साल में बढ़ गया दूध उत्पादन
उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं.
राज्य में ज्यादा ज्यादा दूध का उत्पादन हो इसलिए पशुपालन के काम को बढ़ावा दिया जा रहा है और पशुपालन के काम को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं.
गाय—भैंस या बकरी पालन सभी तरह के काम को सरकार की तरफ से बढ़ावा दिया जा रहा है. जिसका फायदा पिछले 9 साल में मिलता भी नजर आ रहा है.
मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस वक्त उत्तर प्रदेश में 10 करोड़ 62 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन हो रहा है.
उन्होंने कहा कि अगर 2017 के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रदेश में उस वक्त 7 करोड़ लीटर ही दूध का उत्पादन हो रहा था.
इसमें अब बड़ी प्रगति हुई है और दिन-ब-दिन उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में आगे बढ़ता चला जा रहा है.
वहीं प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में भी आने वाले दूध में वृद्धि हुई है. इस वक्त प्रति व्यक्ति के हिस्से में 407 मिली लीटर दूध आ रहा है.
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाले शहरों में बुलंदशहर, मेरठ, आगरा, अलीगढ़ और आजमगढ़ का नंबर आता है.
बता दें कि दूध उत्पादन के मामले में भैंस का दूध सबसे ज्यादा यूपी में उत्पादित किया जाता है और उसके बाद दूसरा नंबर गाय का आता है.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकार की कोशिश है कि किसी भी तरह से राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाया जाए. इसलिए कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं.












