Home मछली पालन Scheme: सरकारी योजना का फायदा उठाकर शुरू की फिश फीड मिल, अब सालाना टर्न ओवर है 13 करोड़ रुपए
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Scheme: सरकारी योजना का फायदा उठाकर शुरू की फिश फीड मिल, अब सालाना टर्न ओवर है 13 करोड़ रुपए

फिश फीड ​मिल.

नई दिल्ली. सरकार मछली पालन को भी बढ़ावा देने का काम कर रही है. केंद्र सरकार की तरफ से देश भर में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना चलाई जा रही है. जिसका फायदा भी लोगों को मिल रहा है. लोग इस योजना से जुड़कर सब्सिडी और लोन आदि लेकर अपना काम शुरू कर रहे हैं. इससे वो न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बन रहे हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ काम किया है बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति ने, जिन्होंने अपनी फिश फीड मिल की स्थापना की और बेहतरीन कमाई के साथ-साथ दूसरों को रोजगार भी दिया है.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मध्यम क्षमता की फिश फीड मिल की स्थापना के लिए उन्हें तकरीबन 40 लाख रुपए तक की सब्सिडी सरकार की तरफ से मिली. जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने अपना ये कारोबार शुरू किया और वह चल भी गया है. जिसके नतीजे में उन्हें खूब अच्छा मुनाफा मिल रहा है.

कामयाबी का सफर कैसे रहा
भागलपुर बिहार के रहने वाले फिश फीड मिल के संचालक अभिनव ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मध्यम क्षमता की फिश फीड मिल की स्थापना की है.

उन्होंने कहा कि इस काम को शुरू करने के बाद से ही तेजी से उनकी जिंदगी में बदलाव आया और इस वक्त उनका सालाना टर्नओवर 12 से 13 करोड़ रुपए है.

फिश फीड मिल की स्थापना करने के बाद से अब साल 2026 में उनके फिश फीड मिल में तकरीबन 37 कर्मचारी काम कर रहे हैं.

उन्होंने ये भी बताया कि जब साल 2023 में इस काम की शुरुआत की थी तब उस वक्त सिर्फ सात लोग काम करते थे लेकिन काम बढ़ा तो कर्मचारियों को भी बढ़ाया गया है.

उन्होंने बताया कि एक वक्त में ना उनके पास रिसोर्स था ना ही कोई सपोर्ट था लेकिन वह अपना कुछ करना चाहते थे.

अभिनव ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी मत्स्य विभाग के अधिकारी द्वारा मिली. साथ ही उनकी तरफ से तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला.

इसके बाद प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मध्यम क्षमता की फिश फीड मिल की स्थापना करने के लिए 40 लाख रुपए की सब्सिडी मिली.

कहा कि आज वह खुद का अपना बिजनेस चला रहे हैं और दो अलग-अलग ब्रांड का फिश फीड एक्वा अमृत और स्वर्ण क्रांति मार्केट में अपनी पहचान बन चुका है.

निष्कर्ष
उन्होंने बताया कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार के साथ की वजह से इस मुकाम पर पहुंचे हैं. साथ ही योजना की भी तारीफ की और अन्य लोगों से भी इससे जुड़ने की अपील की है.

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