नई दिल्ली. पशुओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और पशुओं के उन्नत प्रजनन के साथ नस्ल सुधार कर गुणवत्तायुक्त पशुवंश तैयार करने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से इस बजट में ‘गहन पशु विकास परियोजना’ के तहत 838 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ताकि पशु संसाधन सेहतमंद रहे और इसका फायदा किसानों को मिल सके. यही कारण है कि मध्य प्रदेश सरकार ने बजट प्रावधान में पशु कल्याण सेवाओं के अन्तर्गत 79 करोड़ रुपये के प्रावधान को स्वीकृत किया गया है.
इसकी मदद से चलित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की मदद से घर-घर जाकर पशुओं के इलाज, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की जा रही हैं. इसके साथ ही पशुओं को रोगमुक्त रखने, समय पर उनके नि:शुल्क टीकाकरण, ईयर टैगिंग आदि कार्यों के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस बजट में नेशनल एनीमल डिसीज कन्ट्रोल प्रोग्राम (एनएडीसीपी) के तहत 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
पशु चिकित्सालयों के भवन भी बनाएगी सरकार
पशुपालन के क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूती प्रदान करते हुए पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर को ब्लॉक ग्रांट के अन्तर्गत 78 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है.
पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के विकास के अन्तर्गत 50 करोड़ रुपये के प्रावधान किए गए हैं.
घायल गायों को गौशालाओं या पशु अस्पताल तक ले जाने में सुविधा के लिये हाइड्रोलिक कैटल लिफ्टिंग वाहन की व्यवस्था भी की गई है.
पशुपालन के क्षेत्र में जिलों और संभागों के वित्तीय अधिकारों को मजबूती देते हुए जिला एवं संभागीय स्तर के अन्तर्गत 51 करोड़ रुपये के प्रावधान किए गए हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन और मार्गदर्शन में पशुपालन को लाभ का धन्धा बनाने एवं कृषकों की आय दोगुनी करने तथा रोजगार के नये अवसर सृजित करने के लिये सशक्त प्रयास पशुपालन विभाग द्वारा किये जा रहे हैं.
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को स्वरोजगार देते हुए आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इन्हीं योजनाओं को बल देने के लिए मुख्यमंत्री डेयरी विकास योजना के अन्तर्गत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
पशुपालन में उद्यमिता का विकास, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा नस्ल संवर्धन के उद्देश्य से अभिनव योजना “डॉ भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना” प्रारंभ की गई.
एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी. योजना अंतर्गत इकाई की लागत राशि 36 लाख रुपये से 42 लाख रुपये है.












