नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस के लिए तबाही लाने वाली बीमारी बर्ड फ्लू का खतरा देश भर में एक बार फिर से मंडरा रहा है. ये खतरा कई राज्यों में पोल्ट्री बर्ड को अपनी चपेट में भी ले चुका है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और केरल में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हो चुकी है. जिससे वहां की सरकारें जो भी जरूरी कदम है, उसे उठा रही हैं. ताकि यह खतरा भयंकर रूप ना ले सके. इसके अलावा अन्य राज्यों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. ताकि संभावित खतरे से पहले निपटा जा सके.
जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हुई है. जिसके बाद से मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इन राज्यों में जरूरी एहतियात भी बरती जा रही है. पोल्ट्री फार्मर्स को जागरूक किया जा रहा है. वहीं आम जनता में पैनिक वाली स्थिति ना बने इसके लेकर भी कई कदम उठाए जा रहे हैं.
क्या बरतना चाहिए एहतियात
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी में स्थित शासकीय कुक्कुट पालन कैंपस में बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि हो चुकी है.
बर्ड फ्लू के मामले की जांच करने के लिए सैंपल को मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित लैब में भेजा गया था. जहां बर्ड फ्लू की मौजूदगी की बात सामने आई है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक बर्ड फ्लू के मामलों की पुष्टि के बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी में पांच सौ से ज्यादा मुर्गे मुर्गियों की मौत की खबर है.
इस खबर के आने के बाद ही से पोल्ट्री फार्म को कैंटोनमेंट जोन में घोषित कर दिया है. वहीं 5 किलोमीटर के दायरे को सेंसेटिव एरिया घोषित कर दिया गया.
पोल्ट्री फार्मर्स को यह हिदायत दी जा रही है कि वह साइंटिफिक तरीके से ही मुर्गे और मुर्गियों को दफ्न करें. सेनीटाइजर का उपयोग करें और इस मामले को छुपाए नहीं.
आपको बता दें कि खतरे के बीच अगर आप 70 डिग्री सेंटीग्रेड या उससे अधिक तापमान पर अंडे और चिकन को पका कर खाते हैं, तो बर्ड फ्लू के वायरस से यह पूरी तरह से सुरक्षित हो जाता है.
क्योंकि गर्मी वायरस को नष्ट कर देती है. जिससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है लेकिन कच्चे या अधपके मांस या अंडे खाने से पहरेज करना चाहिए.
वहीं पोल्ट्री फार्मर्स को चाहिए कि वह दस्ताने वगैरह पहन कर ही मुर्गी मुर्गियों को छुएं और अच्छी तरह से साबुन से हाथ जरूर धोएं
अनजाने व्यक्तियों को पोल्ट्री फार्म में आने की इजाजत न दें ना ही नई बर्ड्स को पुरानी बर्ड्स के साथ शामिल करें. उन्हें पहले क्वॉरेंटाइन में रखें उसके बाद ही उन्हें शामिल करें.












