Home मछली पालन Shrimp: हरियाणा के झींगा पालकों ने महंगी बिजली, अच्छे बीज की अनियमित उपलब्धता का मुद्दा उठाया
मछली पालन

Shrimp: हरियाणा के झींगा पालकों ने महंगी बिजली, अच्छे बीज की अनियमित उपलब्धता का मुद्दा उठाया

shrimp farming in india
झींगा मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. केन्द्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने हरियाणा के सिरसा जिले का दौरा किया. इस दौरे का उद्देश्य पीएमएमएसवाई के तहत अधिसूचित खारा जल मछली पालन क्लस्टर की प्रगति की समीक्षा करना और क्षेत्र में खारा जल मछली पालन में लगे झींगा पालकों से बातचीत करना था. इस दौरे में केंद्रीय सचिव ने झींगा और मछली पालकों से भी बातचीत की ताकि जमीनी स्तर पर मौजूद कमियों और चुनौतियों को समझा जा सके. उन्होंने झींगा पालन में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया.

मछली पालकों को संबोधित करते हुए डॉ. लिखी ने उत्पादकता, उत्पाद की गुणवत्ता और समग्र फायदा बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित झींगा पालन पद्धतियों, वैज्ञानिक तालाब प्रबंधन और सुदृढ़ जैव सुरक्षा उपायों के साथ-साथ सतत क्षमता विकास के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सिरसा जैसे खारे जल से प्रभावित क्षेत्रों में झींगा पालन के माध्यम से भूमि के सर्वोत्तम उपयोग की अपार संभावनाएं हैं, जो आय विविधीकरण, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.

क्लस्टर आधारित मत्स्य विकास पहलों की समीक्षा की
एमपीईडीए को निर्यात संबंध स्थापित करने और किसानों के लिए क्षमता निर्माण में सहायता के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने की सलाह दी गई.

यह भी बताया गया कि परीक्षण किटों की सुगम उपलब्धता आवश्यक है, और राज्य से आग्रह किया गया कि वे स्थानीय स्तर पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि झींगा पालकों को परीक्षण के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े.

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत क्लस्टर आधारित मत्स्य विकास पहलों के समग्र कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा के लिए चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू), सिरसा में हाइब्रिड मोड में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

चर्चा में प्राप्त प्रगति, अंतर-संस्थागत समन्वय, योजनाओं के समन्वय और क्लस्टर स्तर पर कार्यान्वयन संबंधी कमियों को दूर करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

बैठक के दौरान, झींगा पालकों ने बिजली की उच्च लागत और अनियमित उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए अन्य राज्यों पर निर्भरता और अपर्याप्त जल आपूर्ति सहित कई चुनौतियों पर प्रकाश डाला.

उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि झींगा पालन गतिविधियों के विस्तार में सहयोग के लिए पंचायत के स्वामित्व वाली भूमि स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को पट्टे पर उपलब्ध कराई जाए.

बैठक में केंद्रीय मत्स्य विभाग और हरियाणा सरकार के मत्स्य विभाग के अधिकारी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मत्स्य क्लस्टरों के प्रतिनिधि, आईसीएआर मत्स्य संस्थानों के वैज्ञानिक और एनएफडीबी आदि शामिल रहे.

इसके अलावा आईसीएआर-सीआईएफई, एमपीईडीए, नाबार्ड, मछली पालकों, झींगा पालकों, मत्स्य सहकारी समितियों, मत्स्य विश्वविद्यालयों और मत्स्य कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

मछली पालन

Fisheries: प्रोडक्ट ब्रांडिंग और स्मार्ट पैकेजिंग जैसे कामों से भी फिशरीज सेक्टर में कर सकते हैं ग्रोथ

नई दिल्ली. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE) फिशरीज इनोवेशन एंड...

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
मछली पालन

Fish Production: छत्तीसगढ़ में हुआ दोगुना मछली उत्पादन, 10 लाख टन पहुंचा प्रोडक्शन

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: मछली पालकों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई गई, छत्तीसगढ़ में हुए कई विकास कार्य

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

Fish Farming: बाजार में मछली की गिरती कीमतों के बीच सरकार ने दी मछली पालकों को राहत

नई दिल्ली. आंध्र प्रदेश सरकार ने जानकारी दी है कि ई-फिश प्लेटफॉर्म...