नई दिल्ली. अंडों के उत्पादन के लिए मुर्गी पालन करने वाले मुर्गी पालकों को कभी न कभी ये देखने को मिला होगा कि अंडे देने वाली मुर्गियां अंडे देने के बाद खुद तोड़ कर खा जाती हैं. इसका पहला कारण है दाना और कैल्शियम होता है. असल में बहुत सारे लोग अंडे उत्पादन के लिए मुर्गी पालन करते हैं. पर उन मुर्गियों को वह अच्छी क्वालिटी का फीड नहीं खिलाते हैं. जिसकी वजह से मुर्गियां अंडे तोड़कर खाती हैं. इसलिए मुर्गी पालन करने वालों को मुर्गियों को हमेशा अच्छी क्वालिटी का लेयर फीड खिलाना चाहिए.
साथ-साथ ये भी काम करें कि फीड देने में कंजूसी नहीं करें. अगर आप लोग मुर्गियों को फीड देने में कंजूसी करेंगे तो मुर्गियों में ये समस्या भी दिखाई देगी और उसके साथ-साथ मुर्गियों के अंडों का उत्पादन भी कम हो जाएगा. मुर्गियों को पर्याप्त फीड खाने के लिए देना चाहिए साथ ही मुर्गियों को कैल्शियम भी देना चाहिए.
मुर्गियों को लिक्विड कैल्शियम दें
वेटनरी दुकान से अच्छी क्वालिटी के लिक्विड कैल्शियम खरीद के लाएं और उसे हफ्ते में लगातार दो या तीन दिन में एक बार पानी में मिक्स करके मुर्गियों को पीने के लिए
जरूर दे दें.
इसके अलावा कैल्शियम की पूर्ति के लिए मुर्गियों को आप लोग अंडे का छिलका भी खाने के लिए दे सकते हैं.
अंडे के छिलकों में भी कैल्शियम मौजूद होता है. अंडे छिलके को धूप में अच्छे से सुखा लें और उसके बाद अंडे के छिलकों को अच्छे से कूट दें.
उसका पाउडर बन जाए तो उसे फीड में मिक्स करके मुर्गियों को खाने के लिए दे सकते हैं.
कैल्शियम की पूर्ति के लिए मुर्गियों को आप लोग सहजन के पत्ते भी खाने के लिए दे सकते हैं.
सहजन के पत्तों में भरपूर मात्रा में कैल्शियम मौजूद होता है और इसके अलावा सहजन के पत्तों में और भी बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं.
जो मुर्गियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. बस सहजन के पत्ते मुर्गियों के सामने रख दें वो इसे बड़े ही चाव से खाएंगी.
अगर आप लोगों ने पहले कभी भी मुर्गियों को सहजन के पत्ते खाने के लिए नहीं दिया है तो इसके पत्ते मुर्गियां अच्छे से नहीं खाएंगी.
हालांकि जब उन्हें आदत हो जाएगी तब वह अच्छे से खाएंगी. एक्सपर्ट कहते हैं कि मुर्गियों को सहजन देने से फायदा कुछ दिनों में नजर आने लगेगा.
निष्कर्ष
पोल्ट्री फार्मिंग में हर एक छोटी-बड़ी बातों का ध्यान रखना होता है. यदि लापवाही करते हैं तो इससे नुकसान हो सकता है. वहीं अगर मुर्गियां खुद के दिए हुए अंडे तोड़ने लगें तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग का बिजनेस घाटे में तब्दील हो जाएगा.













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