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El Nino: अल नीनो के खतरे के बीच पोल्ट्री फीड हो सकता है महंगा, पर सस्ता विकल्प भी है मौजूद

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प्रतीकात्मक

नई दिल्ली. हाल ही में वित्त मंत्रालय की ताजा मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में यह कहा गया है कि जून के महीने में अल नीनो मौसम सक्रिय हो सकता है. इसके चलते कई परेशानियां सामने आ सकती हैं. सबसे बड़ी परेशानी तो यह है कि मानसून की बारिश पर इसका बहुत ज्यादा असर पड़ने जा रहा है. इसके चलते बारिश कम होगी और जाहिर है कि जब बारिश कम होगी तो गर्मी भी ज्यादा पड़ेगी. इससे पोल्ट्री फार्मिंग पर भी बहुत ज्यादा असर पड़ने की आशंका जाहिर की जा रही है. सबसे ज्यादा दिक्कत तो पोल्ट्री फीड की कीमतों के बढ़ने से हो सकती है.

पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि कम बारिश की वजह से मक्का या सोयाबीन समेत अन्य खाद्यान्न जिससे पोल्ट्री फीड बनाया जाता है, उसके उत्पादन में कमी की आशंका जाहिर की जा रही है. अगर ऐसा होता है तो पोल्ट्री फीड की कीमतों में इजाफा होना तय है और पोल्ट्री फार्मिंग की लागत भी इससे बढ़ जाएगी. नतीजे में पोल्ट्री फार्मर्स को नुकसान हो सकता है, लेकिन पोल्ट्री फीड के कई ऐसे विकल्प हैं जिनका इस्तेमाल करने से पोल्ट्री फार्मिंग में फीड की लागत को सामान्य रखा जा सकता है. आइए इस बारे में जानते हैं.

क्या खिला सकते हैं
सस्ते पोल्ट्री फीड के विकल्प की बात की जाए तो जलीय पौधे प्रोटीन का बहुत अच्छा सोर्स माने जाते हैं. इसे आप घर पर भी उगा सकते हैं.

इसे पारंपरिक फीड के साथ 20 से 30 फीसद तक मिलाकर खिलाया जा सकता है. जलीय पौधे के तौर पर आप अजोला को अपने घर पर भी उग सकते हैं.

वहीं हाइड्रोपोनिक्स हरा चारा भी उत्पादित कर सकते हैं. जिसमें मक्का, गेहूं या जौ को बिना मिट्टी के पानी में उगाकर हाइड्रोपोनिक्स विधि से हरा चारा तैयार किया जाता है.

यदि आप हाइड्रोपोनिक्स हरा चारा तैयार करते हैं, तो इससे मुर्गियों को विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में मिलेगा.

सस्ते फीड के विकल्प के तौर पर मुर्गियों को प्रोटीन से भरपूर ब्लैक सोल्जर फ्लाई के लार्वा दे सकते हैं.

इसके अलावा केंचुए बेहतरीन विकल्प हैं. इन्हें आप घर पर भी किचन वेस्ट और कृषि वेस्ट से पैदा कर सकते हैं.

वहीं सब्जियों का कचरा भी बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. पत्तेदार सब्जियों के वेस्ट, पत्ता गोभी के टुकड़े और फलों के छिलके मुर्गियों को देना चाहिए.

निष्कर्ष
यदि आप पोल्ट्री फीड के इन विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं तो पोल्ट्री फार्मिंग में फीड की लागत को कम कर सकते हैं. अगर अल नीनो का भी असर पड़ता है तो भी आपको नुकसान नहीं होगा.

Written by
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