नई दिल्ली. पशुपालन एक ऐसा काम है जो आपको करोड़पति बना सकता है. जी हां, अपने सही पढ़ा. तगड़ी कमाई करना है तो इस काम में खासकर किसान हाथ आजमा सकते हैं. पंजाब के किसान गुरदीप सिंह ने इसको सच भी करके दिखाया है. विदेश जाने के बजाय गांव में रहकर पशुपालन को उन्होंने तरजीह दी. बहुत से लोग विदेश में उतना नहीं कमा पा रहे हैं, जितना वो देश में ही कमाई कर ले रहे हैं. वर्ष 2014 में उन्होंने केवल 2 भैंस और 1 बीटल नस्ल की बकरी से शुरुआत की थी. आज वे एक सफल और आत्मनिर्भर पशुपालक हैं.
कभी 2 भैंस और 1 बकरी से शुरुआत की थी और आज एक करोड़ से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं. उन्होंने बताया कि उनकी सफलता के दो सूत्र हैं. मेहनत और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन. जिसके नतीजे में उन्हें फायदा ही फायदा हुआ है.
उपलब्धियों के बारे में यहां जानें
इस वक्त उनके पास 21-22 उच्च नस्ल की भैंसें नीली रावी और मुर्रा है.
इसके अलावा लगभग 50 शुद्ध नस्ल की बकरियां हैं.
उनके पास 11 एकड़ कृषि भूमि भी है.
उनका लगभग 36-37 लाख वार्षिक टर्नओवर है.
लगभग 25 लाख रुपए की वार्षिक शुद्ध आय है.
कुल एक करोड़ से अधिक की संपत्ति है.
उनपर किसी भी बैंक का कोई लोन नहीं है.
शुरुआती चुनौतियों में जरूर सीमित पूंजी का सामना करना पड़ा.
पशुओं की कम संख्या भी थी.
बाजार और ग्राहक बनाना आसान नहीं था.
पशु आहार की बढ़ती लागत परेशानी का कारण थी.
कई लोगों द्वारा पशुपालन को घाटे का व्यवसाय समझना मुश्किल था.
उन्होंने कहा कि अच्छी नस्ल के पशु से पशुपालन करना चाहिए.
पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच करना जरूरी है.
इनसे किसान कर्ज मुक्त और आत्मनिर्भर बन सकता है.
इसके अलावा टीकाकरण, कृमिनाशन, संतुलित आहार और स्वच्छता जरूरी है.
छोटी शुरुआत, बड़ा लक्ष्य शुरुआत में कम पशु रखें, धीरे-धीरे संख्या बढ़ाएं.
कमाई को खर्च करने के बजाय नए पशु और बेहतर प्रबंधन में लगाएं.
अपना हरा चारा स्वयं उगाएं. मक्का, बरसीम, ज्वार, बाजरा, साइलेज आदि से आहार लागत कम करें.
सीधे उपभोक्ता को दूध बेचें बिचौलियों से बचें और बेहतर मूल्य प्राप्त करें.
भैंस, बकरी और खेती का एकीकृत मॉडल एक से अधिक आय खोत जोखिम कम कर सकते हैं.












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