नई दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में प्रति दिन एक करोड़ लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बिहार सरकार बेहतर प्रशिक्षण, उन्नत नस्ल के पशु को बढ़ावा देना और पशुपालकों को आधुनिक तकनीक पशुओं की स्वास्थ्य सुविधाएं दे रही है. इसके अलावा मजबूत डेयरी अवसंरचना उपलब्ध कराई जा रही है. इसका नतीजा है कि डेयरी के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है. डेयरी सेक्टर में नई क्रांति से समृद्ध और आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव रखी जा रही है.
असल में मुख्यमंत्री ने सोमवार को नालंदा जिले के बिहार शरीफ डेयरी परियोजना परिसर में 20 मीट्रिक टन प्रति दिन क्षमता वाले दही और लस्सी प्लांट, कैफेड द्वारा संचालित एचपीसीएल पेट्रोल पर एवं सुधा कैफेटेरिया का शिलान्यास किया. इसी मौके पर उन्होंने डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की अपनी मंशा जाहिर की है.
सुधा ब्रांड को इंटरनेशनल पहचान दिलाई जाएगी
इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य केवल राज्य में दूध और उसके उत्पादों की जरूरतों को पूरा करना ही नही है, बल्कि ‘सुधा’ ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है.
कहा कि गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन और निर्यात क्षमता को बढ़ाकर बिहार के दूध उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जाएगा.
सीएम ने बताया कि राज्य में 2500 नई समितियां गठित की गई हैं. 200 जगहों पर सुधा का नया आउटलेट खोला जाना है, जिनमें से 88 के लिए स्थान का चयन हो गया है.
इन आउलेट में दूध और यहां तक की मछली की बिक्री होगी. पिछले महीने में करीब 2000 दूध समिति का गठन किया गया है.
इस अवसर पर विधायक जितेंद्र कुमार, पूर्व विधायक सुनील कुमार, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, पशुपालन विभाग के निदेशक उज्वल कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे.
बकरी पालनको बढ़ावा देने को फेडरेशन बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बकरी पालन को बढ़ावा दिया जाएगा. बकरी के दूध उत्पादन को पेडरेशन से जोड़कर प्रसंस्करण एवं विपणन की व्यवस्था विकसित की जाएगी.
बकरी पालन से जुड़े लाखों ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं की आय में वृद्धि होगी. जिससे राज्य के किसान मजबूत होंगे.
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कृषि के अलावा किसान पशुपालन भी करें, ताकि ऐसा करके वो अपनी इनकम को बढ़ा सकें.












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