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PMMSY: समुद्री और अंतर्देशीय मछुआरों का सरकार करती है बीमा, मिलती बड़ी मदद

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. केंद्र सरकार का मत्स्य विभाग, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत, अन्य बातों के अलावा, समुद्री और अंतर्देशीय मछुआरों और संबद्ध मछली श्रमिकों को सामूहिक दुर्घटना बीमा कवरेज के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है. इस योजना के तहत संपूर्ण बीमा प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है. हिमालयी और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है, और केंद्र शासित प्रदेशों के मामले में संपूर्ण प्रीमियम राशि केंद्र द्वारा भुगतान की जाती है. बता दें कि पीएमएमएसवाई के तहत प्रदान किए जाने वाले बीमा कवरेज में कई चीजें शामिल हैं.

जैसे मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए 5 लाख रुपये, स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए ढाई लाख रुपये और दुर्घटना की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने के खर्च के रूप में 25 हजा रुपए दिए जाते हैं. पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) के दौरान, मत्स्य विभाग ने 103 लाख 73 लाख मछुआरों के बीमा कवरेज के लिए 54 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि जारी की है. इसमें प्रति वर्ष औसतन 34 लाख 57 हज़ार मछुआरे शामिल हैं.

क्या और फायदे मिलते हैं
इसके अलावा केंद्र सरकार के मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के अंतर्गत किसानों को मछली पालन बीमा खरीदने के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है.

इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध बीमा उत्पादों में शामिल हैं. मूल बीमा, जो गर्मी में फसल का मरना, प्रदूषण, भूकंप, चक्रवात, बाढ़, अन्य प्राकृतिक आपदाएं, दंगे, तीसरे पक्ष द्वारा दुर्भावनापूर्ण कृत्य जिनमें जहर देना आदि शामिल है.

खेतों की संरचनात्मक क्षति के कारण फसल का नुकसान आदि) के कारण उपज के नुकसान को कवर करता है.

व्यापक बीमा, जो मूल बीमा के अंतर्गत आने वाले जोखिमों के साथ-साथ बीमारियों आदि के कारण होने वाले अतिरिक्त जोखिमों को भी कवर करता है.

मत्स्यपालन बीमा के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भुगतान किए गए प्रीमियम के 40% की दर से प्रदान की जाती है.

जिसकी अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर या 4 हेक्टेयर जल क्षेत्र (डब्ल्यूएस) के लिए प्रति किसान 1 लाख रुपए है.

फार्म, केज कल्चर, आरएएस, बायो-फ्लॉक और रेसवे आदि जैसी गहन मत्स्य पालन प्रणालियों सहित मत्स्य पालन प्रणाली के लिए, भुगतान किए गए प्रीमियम के 40 फीसद की दर से मत्स्य पालन बीमा प्रदान किया जाता है.

इसमें गहन मत्स्य पालन प्रणालियों के लिए प्रति किसान 1800 वर्ग मीटर के लिए अधिकतम 1 लाख रुपए की सीमा निर्धारित है.

इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला लाभार्थियों को 10% का अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है.

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