नई दिल्ली. भारत दुनिया में नंबर दूध उत्पादक देश है और बावजूद इसके देश को इसका उतना फायदा नहीं मिल पा रहा है, जितना मिलना चाहिए. असल में अगर दूध और उससे बने प्रोडक्ट बड़े पैमाने पर भारत से एक्सपोर्ट होने लगे तो न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को इससे फायदा होगा, बल्कि दूध उत्पादक किसानों को उनके प्रोडक्ट का और अच्छा दाम मिलने लग जाएगा. हालांकि बीमारियां इस काम में सबसे बड़ी रुकाटव हैं. भारत में पशुओं में कई ऐसी बीमारियां हैं, जिसके चलते न सिर्फ दूध उत्पादन प्रभावित होता है बल्कि दूसरे देशों के लोग उत्पाद लेने से भी कतराते हैं.
असल में प्रोडक्ट को कई जांचों से गुजरना होता है. इसके बिना किसी उत्पाद को दुनिया के बहुत से देश स्वीकार नहीं करते हैं. एफएमडी जैसी कई बीमारियों के चलते पशुओं के उत्पादन को उससे बने प्रोडक्ट को लेने से इंकार कर दिया जाता है. जिस बात को सरकार भी समझ रही है और इस समस्या को दूर करने की भी कोशिश कर रही है.
एक्सपोर्ट में आ रही दिक्कतों को स्वीकारा
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ललन सिंह ने भी इस बात को स्वीकारा है कि एक्सपोर्ट में दिक्कतें तो हैं.
कहा कि डेयरी की बात करें तो मिल्क प्रोडक्शन में आज हमारा देश पूरे विश्व में नंबर वन है.
अंडा उत्पादन में भी हम विश्व में दूसरे स्थान पर हैं, लेकिन हमारे सामने एक बड़ी चुनौती है.
पशुओं में होने वाली एफएमडी (Foot and Mouth Disease) और ब्रुसलोसिस जैसी बीमारियां के चलते दिक्कते हैं.
इन बीमारियों के कारण, विश्व में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश होने के बावजूद, हम अपने डेयरी उत्पादों का उतना एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे हैं, जितना कर सकते हैं.
इसके चलते दुनिया के कई देशों में एफएमडी से प्रभावित देशों के मिल्क प्रोडक्ट्स को लेकर स्वीकार्यता कम है.
इसीलिए एफएमडी के उन्मूलन के लिए हमने बड़े स्तर पर अभियान चलाया है और व्यापक वैक्सीनेशन किया जा रहा है. इसके परिणाम भी अब दिखाई देने लगे हैं.
नौ राज्यों में एफएमडी के आउटब्रेक में काफी कमी आई है. वर्ष 2019 में जहां 132 आउटब्रेक सामने आए थे.
वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 40 रह गई है. उन्होंने आगे कहा कि पनीर भी हमारे डेयरी सेक्टर का एक महत्वपूर्ण उत्पाद है.
हाल ही में ब्राजील में आयोजित एक फेस्टिवल में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने हमारे पनीर के एक उत्पाद को प्रदर्शित किया था, जिसे वहां पुरस्कार भी मिला.
यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे डेयरी उत्पादों में वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है.










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