नई दिल्ली. बिहार की सभी 8053 पंचायतों में सात निश्चय-3 के तहत ‘जीविका सुधा’ बिक्री केंद्र खोलने का ऐलान बिहार सरकार ने किया है. इसे लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को 1, अणे मार्ग स्थित संवाद कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पांच चयनित जीविका दीदियों को बिक्री केंद्र की चाबी और चयन प्रमाणपत्र प्रदान किये. चयनित जीविका दीदियों को 300 लीटर क्षमता वाला हार्ड-टॉप डीप फ्रीजर और विजी कूलर, सनबोर्ड, एप्रन एवं कैप उपलब्ध कराये गये. वहीं इस दौरान पांच प्राथमिक दूध उत्पादक सहयोग समितियों को पंजीकरण प्रमाणपत्र और डीपीएमसीयू का डेमो प्रदान किया गया.
रक्षाबंधन के अवसर पर सभी 38 जिलों में जिलाधिकारी एक-एक जीविका-सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन करेंगे. इस संबंध में कॉम्फेड द्वारा प्रत्येक गांव में प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन का कार्य तेजी से हो रहा है.
मिथिला हस्तकला समिति की स्थापना की
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 3,134 नयी समितियां बनायी गयी हैं. इनमें से 1,550 समितियां काम शुरू कर चुकी हैं. इनका दुग्ध संग्रहण शुरू हो चुका है.
वर्तमान में प्रतिदिन 25 लाख लीटर दूध का संग्रहण हो रहा है, जो पिछले साल की तुलना में तीन लाख लीटर प्रतिदिन अधिक है.
इन समितियों के गठन से 54,055 किलोग्राम प्रतिदिन दूध का संग्रहण किया जा रहा है.
इन नयी समितियों में दुग्ध उत्पादकों को दूध की कीमत सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान के लिए डीपीएमसीयू (डेटा प्रोसेसर आधारित दुग्ध संग्रहण इकाइयां) की स्थापना की जा रही है,
दुग्ध उत्पादक समिति के माध्यम से राज्य की 8,053 पंचायतों में सुधा सखी का चयन किया जाएगा.
चयनित सुधा सखियों का प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जायेगा.
वर्तमान में कॉम्फेड मुख्यालय, पटना में 38 सुधा सखियों के बैच का छह दिवसीय प्रशिक्षण 27 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक निर्धारित है.
पांच चयनित सुधा सखियों को मुख्यमंत्री के कर कमलों से चयन-पत्र दिया गया.
पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में कुल 534 पशु औषधि विक्रय केंद्र खोले जाएंगे.
इसके लिए केंद्र सरकार से 109 केंद्रों के लिए प्रथम अनुमोदन प्राप्त हो गया है. पांच पशु औषधि विक्रय केंद्रों के पांच चयनित लाभुकों को मुख्यमंत्री ने चयन-पत्र दिया.
मिथिला की पारंपरिक हस्तकलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिथिला हस्तकला सहकारी समिति की स्थापना की गई है.
मंगलवार को संवाद कक्ष में इसकी घोषणा की गयी. महिला कलाकारों को रस्थानीय कला से वैश्विक बाजार तक पहुंचाना इस समिति का प्रमुख विजन है.











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