नई दिल्ली. पशुपालन में एक नहीं कई दिक्कतें आती हैं. बस जरूरत इस बात की है कि समस्या के वक्त घबराना नहीं है, बस समय पर उसका उपाय करना जरूरी है. ताकि पशु की समस्या को हल करके पशु को परेशानी से और खुद को होने वाले संभावित नुकसान से बचाया जा सके. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि कई बार गाय अचानक बैठ जाती है. कुछ मामलों में ये साधारण बात हो सकती है लेकिन इसे सिर्फ कमजोरी समझना नुकसानदायक है. क्योंकि एक बड़ी मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है.
एक्सपर्ट के मुताबिक गाय के अचानक बैठ जाने के कई संभावित कारण हो सकते हैं. जैसे मिल्क फीवर (Hypocalcemia), गंभीर थनेला (E. coli Mastitis), कीटोसीस/मेटाबॉलिक रोग, नसों/हड़ियों में चोट या लकवा, डिहाइड्रेशन, टंक्सिमिया या गंभीर संक्रमण. इसलिए समय पर सही कदम गाय की जान बचा सकता है.
पशुचिकित्सक को तुरंत बुलाएं
कारण के अनुसार आईवी कैलिश्यम, फ्लूड्स, एंटीबायोटिक्स या अन्य उपचार की जरूरत हो सकती है. हालांकि बिना जांच के कोई दवा न दें.
कंक्रीट पर न पड़ा रहने दें. गाय को सूखी, नरम और मोटी बिछावन वाली जगह पर शिफ्ट करें. कठोर फर्श से नसों और मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है.
गाय को छाती के बल बैठाएं. गाय को Sternal Recumbency में रखें. दोनों तरफ भूसे, बोरियों का सहारा दें. ताकि वह पूरी तरह करवट लेकर चपटी न लेटे.
पशु का तापमान जरूरी एक बार जांच लें. रेक्टल टेंप्रेचर लें, कान, सींग जांचे, देखें कहीं पैर ठंडे तो नहीं हैं, गर्दन मुड़ी तो नहीं है, थन में सूजन, गर्माहट, दर्द या दूध में असामान्यता भी जांचे.
अचानक से बैठ जाए गाय तो ये भी करें
जब गाय अचानक से बैठ जाए तो गाय के सामने साफ पानी रखें. अगर गाय सचेत है और निगल पा रही है, तो पानी पीने दें.
अगर गाय सुस्त है, गर्दन सीधी नहीं रख पा रही या निगलने में असमर्थ है, तो मुंह में जबरदस्ती पानी, तेल या दवा न डालें, ये जानलेवा हो सकता है.
हर 2-3 घंटे में स्थिति बदलें हालांकि पशुचिकित्सक की सलाह अनुसार.
खींचकर या पैरों से घसीटकर न उठाएं. पिछले पैरों और पुटुड़ों की हल्के हाथ से मालिश करें.
अगर गाय हाल ही में ब्याई है और अचानक उठ नहीं पा रही, तो उसे मिल्क फीवर हो सकता है. हालांकि सिर्फ मिल्क फीवर मनना भी खतरनाक हो सकता है.
ऐसी स्थिति में पशु चिकित्सक की सलाह लें और हो सके तो पशु को दिखाएं. ताकि समय से जो भी समस्या है, उसकी जांच होकर इलाज किया जा सके.










