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Poultry: पांच एआई टूल मुर्गी पालन को बना रहे हैं ज्यादा फायदेमंद

रोगी पक्षियों के पंख बिखरे-बिखरे व लटके रहते हैं और कॉम्ब पर पीलापन नजर आता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. ये जमाना एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है, ऐसे में हर एक फील्ड में इसका इस्तेमाल हो रहा है. यहां तक कि मुर्गी पालन में भी एआई का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाने लगा है. बहुत से मुर्गी पालक चाहे लेयर पोल्ट्री फार्मिंग कर रहे हों या फिर ब्रॉयलर मुर्गों को पाल रहे हों, दोनों ही काम में एआई की मदद ले रहे हैं. जिसकी वजह से उनका उत्पादन भी बेहतर हो रहा है और मुनाफा भी बढ़ रहा है. हो सकता है कि आप यह सोचकर थोड़ा सा हैरान हो रहे हों कि पोल्ट्री फार्मिंग में एआई का इस्तेमाल किस तरह से किया जा रहा है.

असल में एआई टूल्स से पोल्ट्री फार्मिंग को आसान और ज्यादा उत्पादनशील बनाया जा रहा है. जिसके साथ-साथ ये काम मुनाफे वाला भी बन रहा है. असल में बाजार में कई ऐसे टूल मौजूद हैं जो पोल्ट्री फार्मिंग में पोल्ट्री फार्मर्स की मदद कर रहे हैं और इससे उन्हें अच्छा खासा मुनाफा मिल रहा है. यदि आप भी इसके बारे में जानना चाहते हैं तो उन्हें में से कुछ के बारे में हम यहां आपको बताएंगे.

पांच टूल के बारे में यहां पढ़ें
बर्डू
एक ऐसा कैमरा आधारित टूल है, जो मॉनिटरिंग प्लेटफार्म देता है. कंप्यूटर विजन और एआई की मदद से मुर्गियों के वजन और साथ ही स्वास्थ्य की वास्तविक जानकारी आपको इससे मिलती है. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग आसान हो जाती है.

गैलियन एक ऐसा माइक्रोबायोम इंटेलिजेंस टूल है जो मुर्गियों के स्वास्थ्य की निगरानी करता है. सबसे अच्छी बात ये है कि ये पोषण संबंधित फैसले को बेहतर बनाने में मदद करता है.

ज्यूस एआई शेड के तापमान, नमी और अमोनिया के स्तर को मेंटेन करने में मदद करता है. साथ ही पानी की खपत और मुर्गियों के वजन पर लगातार नजर रखने में मदद करता है. जबकि समस्या आने पर अलर्ट देता है.

एआई वेंटिलेशन और पर्यावरण नियंत्रण सेंसर और एआई एल्गोरिथम मिलकर शेड की हवा, तापमान और नमी को खुद नियंत्रित करते हैं. जिसे हानिकारक गैस अमोनिया से बचाव होता है.

रोग और आवाज पहचान का एआई आधारित ऑडियो थर्मल कैमरे मुर्गियों की आसामान्य आवाजों या शरीर के तापमान से ही शुरुआती बीमारियों का पता लगा लेती हैं. जैसे बर्ड फ्लू का पता आसानी से लग जाता है.

निष्कर्ष
जिन टूल के बारे में आपने यहां पढ़ा ये सारे मुर्गी पालन को फायदेमंद बनाने के लिए बनाए गए हैं. यदि आप इनका इस्तेमाल करते हैं तो आपको फायदा मिल सकता है. आप अपनी जरूरत के मुताबिक इनका इस्तेमाल करें.

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