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Poultry Farming: बरसात में ज्यादा बीमार होती हैं मुर्गियां, बीमारियों से बचाव का तरीका है बेहद आसान

ये बीमारी सभी उम्र की मुर्गियों व टर्की में समान रूप से पाई जाती है.
प्रतीकात्मक फोटो, Live stock animal news

नई दिल्ली. मुर्गी पालन में बारिश के दरमियान मुर्गियों में मृत्युदर बहुत अधिक बढ़ जाती है. इसके चलते बहुत मुर्गी पालक इस दौरान मुर्गियों की संख्या को घटा देते हैं. या फिर काम ही नहीं करते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि काम बंद करने से बेहतर ये है कि मुर्गियों के मरने की वजह जानकर कुछ जरूरी उपाय अपना लिए जाएं, ताकि मुर्गियों की मृत्यु दर भी कम हो जाए और इस काम में नुकसान भी न हो. क्योंकि इस काम को बंद करना कोई रास्ता नहीं है. इसे बंद कर देने से भी आप नुकसान में रहेंगे और आपके साथ जुड़े लोगों का रोजगार भी चला जाएगा.

पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि बरसात के दौरान मौसम में नमी, ठंड और गंदगी बढ़ने से मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ती हैं और मृत्यु दर बढ़ जाती है. इसलिए एहतियात बरतना जरूरी हो जाता है.

बरसात में मुर्गी के अधिक मरने के मुख्य कारण
नमी और गीला वातावरण नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फफूंद तेजी से फैलते हैं.

ठंड और तापमान में बदलाव बारिश के समय तापमान कम हो जाता है. जिससे मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है.

गंदा बिस्तर सामग्री (लिटर) की वजह से भी ऐसा होता है. गीला लिटर अमोमिया गैस बढ़ाता है, जिससे मुर्गियों को सांस लेने में दिक्कत होती है.

बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है. इस मौसम में CRD, कोलरा, फाउल पॉक्स, ई कोलाई, कॉक्सीडियोसिस जैसी बीमारियां अधिक फैलती हैं.

गंदा पानी और दूधित फीड भी कारण है. बारिश का पानी फीड और पानी को खराब कर देता है, जिससे दस्त और अन्य समस्याएं होती हैं.

कीड़े-मकोड़ों की अधिकता हो जाती है. मच्छर, मक्खी और अन्य कीड़े रोग फैलाने में मदद करते हैं.

बरसात में नुकसान से बचाव के उपाय क्या हैं
सावधानी ही बचाव है. हालांकि शेड को पूरी तरह सूखा और हवादार रखें.

लिटर सामग्री को हमेशा सूखा रखें, गीला लिटर तुरंत बदलें.

स्वच्छ और साफ पानी ही पिलाएं, पानी के बर्तन रोज साफ करें.

पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण फीड दें, फीड को नमी से बचाएं.

समय पर टीकाकरण और डीवांमिंग करें.

मुर्गियों की नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करें.

शेड के चारो ओर जलभराव न होने दें. जल निकासी की उचित व्यवस्था करें.

मच्छर और मक्खी नियंत्रण के लिए दवा/स्प्रे का उपयोग करें.

बीमार मुर्गियों को तुरंत अलग रखें और पशु चिकित्सक की सलाह लें.

निष्कर्ष
बरसात के मौसम में अधिक सतर्क रहें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. इससे पोल्ट्री फार्मिंग में आपको नुकसान होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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