नई दिल्ली. पशुपालन में रिपीट ब्रीडिंग भी एक बड़ी समस्या है. यदि गाय या भैंस में 3–4 बार कृत्रिम गर्भाधान (AI) या प्राकृतिक गर्भाधान (Natural Mating) कराने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो इसे रिपीट ब्रीडिंग कहा जाता है. जिसके चलते पशुपालन के काम में नुकसान होता है. एक तो उत्पादन देर से मिलता है वहीं बार—बार गर्भधान कराने पर जो खर्च आता है वो अलग. इसलिए ये पशुपालकों को परेशान करता है. रिपीट ब्रीडिंग के मुख्य कारणों की बात करें तो गलत समय पर गर्भाधान करना कारणों में से एक है. पशु के हीट में आने की सही पहचान न होना या गलत समय पर AI कराना आम समस्या है.
कई बार ओव्यूलेशन (Ovulation) में देरी होती है. असल में अंडाशय (Ovary) द्वारा अंडा देर से रिलीज होता है. इसलिए भी ऐसा होता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चेदानी में संक्रमण और गर्भाशय में मेट्राइटिस (Metritis) या पायोमेट्रा (Pyometra) जैसी बीमारियां होने के कारण भी ऐसा हो सकता है. वहीं शरीर में सेलेनियम, कॉपर, कोबाल्ट, आयोडीन, जिंक, मैंगनीज, बीटा-कैरोटीन, विटामिन और मिनरल्स की कमी के कारण भी ऐसा होता ही है. हालांकि ऐसा नहीं है कि इस समस्या का समाधान नहीं है. आइए इस बारे में जानते हैं.
समाधान के बारे में यहां पढ़ें
मॉर्निंग-इवनिंग रूल अपनाएं. एआई सही समय पर करवाएं. यदि पशु सुबह हीट में आया है, तो 12 घंटे बाद शाम को AI कराएं. यदि शाम को आया है, तो अगली सुबह कराना सही होगा.
संक्रमण का इलाज जरूरी है. बच्चेदानी में संक्रमण होने पर नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित उपचार कराएं. ताकि पशु गर्भधारण कर सके.
हार्मोनल असंतुलन का समाधान भी करना चाहिए. जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक की सलाह से हार्मोनल असंतुलन का इलाज करें. या फिर सीआईडीआर प्रोटोकॉल का पालन करें.
पोषक तत्वों की पूर्ति करना चाहिए. इसके लिए बोविफर्टिन जो फर्टिलिटी समस्याओं को दूर करता है, पशु चिकित्सक की सलाह पर 25 ग्राम रोजाना 42 दिनों तक दें.
बताते चलें कि इसमें चीलेटेड मिनरल्स, विटामिन्स, बीटा-कैरोटीन और ओमेगा 3-6 फैटी एसिड शामिल होता है.
50 ग्राम रोजाना 2 से 3 महीने तक मिनरल मिक्सचर के रूप में दें.
हीट स्ट्रेस से बचाव भी जरूरी है. डेयरी में हवादार व्यवस्था (वेंटिलेशन) रखें और मौसम के अनुसार फॉगर्स या स्प्रिंकलर्स का उपयोग करें.
निष्कर्ष
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि यदि इन उपायों को आजमा लिया तो फिर पशुपालन में रिपीट ब्रीडिंग की समस्या से निजात मिल जाएगी.













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