नई दिल्ली. पशुपालन में ये बेहद ही जरूरी है कि पशु ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन करे. पशु तब ज्यादा दूध का उत्पादन करता है, जब उसे भरपूर खुराक मिले. पशु के दूध उत्पादन करने में हरे चारे का भी रोल होता है. जबकि हरा चारा सालभर मिलना मुश्किल होता है. खासतौर पर गर्म मौसम में तो इसकी बेहद ही कमी हो जाती है. बावजूद इसके पशुओं को पौष्टिक तत्वों से भरा हरा चारा चाहिए ही होता है. तभी पशु अपनी क्षमता के मुताबिक दूध का उत्पादन कर पाता है. डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मुताबिक रोडस घास हरे चारे का एक मजबूत विकल्प है.
अगर रोडस घास को उगाते हैं तो फिर इससे अच्छा उत्पादन मिलता है. डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की ओर से दी गई जानकारी यहां आपको लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) साझा कर रहा है.
रोडस घास क्या है
क्लोरिस गायना आमतौर पर रोडस घास के नाम से जानी जाती है. यह गर्म-नम जलवायु क्षेत्रों की प्रमुख घास है.
यह लवणीय एवं क्षारीय मिट्टी के प्रति अनुकूल, स्थापित करने में आसान, मध्यम से अधिक सूखे वातावरण के प्रति सहनशील होती है.
कैसे करें बुवाई
रोडस घास तमाम तरह की जमीन पर उगाई जा सकती है. इसके उत्पादन के लिए प्रति वर्ष 600-750 मिमी वर्षा की आवश्यकता होती है.
यह घास लवणीय क्षारीय भूमि में उगायी जा सकती है.
इसके अलावा रोडस घास मध्यम रूप से एल्युमीनियम के प्रति सहनशील होती है.
रोडस घास के अंकुरण के लिए 15-40 डिग्री सेंटी. तापमान की आवश्यकता होती है, परंतु कम तापमान पर बीजों का एक छोटा भाग ही अंकुरित होता है.
रोडस घास के बीज कम जल स्तर पर भी अंकुरित हो जाते हैं.
1-2 किग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से अच्छी गुणवत्ता वाला बीज बोना चाहिए, बीज दर को सिंचित चारागाहों के लिए 3-5 किग्रा. प्रति हैक्टेयर तक बोया जा सकता है.
सिंचित अवस्था में नत्रजन उर्वरक 100 किग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से दो-तीन बार में डाला जा सकता है क्योंकि यह घास नत्रजन उर्वरक के प्रति अत्यधिक प्रतिक्रिया देती है.
फूल आने की अवस्था पर फसल की कटाई करनी चाहिए.
ज्यादा उपज देने वाली प्रजातियां सूखे क्षेत्रों में 2-3 बार कटाई करने पर 20-35 टन प्रति हैक्टेयर हरा चारा उत्पन्न करती हैं.












