Home पशुपालन Animal Husbandry: पशु की जेर गिरने के बाद इस तरह करें सफाई, यहां पढ़ें इसका देसी तरीका
पशुपालन

Animal Husbandry: पशु की जेर गिरने के बाद इस तरह करें सफाई, यहां पढ़ें इसका देसी तरीका

murrah buffalo livestock
प्रतीकात्मक फोटो:

नई दिल्ली. पशु जब बच्चे को जन्म देता है तो उसके बाद जेर गिराता है. कई बार ऐसा भी होता है कि पशु जेर नहीं गिरा पाता. इससे कई तरह की दिक्कतें होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में जेर गिर जाने के बाद भी सफाई करना जरूरी होता है. ये सफाई पशु के गर्भाशय को संक्रमण से बचाने के लिए बेहद ही जरूरी होती है. बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fishery Resources) की मानें तो इसमें जेर को साफ जगह पर बांधना, पशु का पिछला हिस्सा धोना और जेर को पूरी तरह से बाहर निकलना, पशु चिकित्सक की सलाह पर गर्भाशय में दवाइयां लगवाना आदि शामिल है.

एक्सपर्ट का कहना है कि यदि यह काम कर लिया जाए तो फिर जेर पूरी तरह से बाहर निकल जाएगी और गर्भाशय की पूरी तरह से सफाई हो जाएगी. इससे संक्रमण का खतरा भी खत्म हो जाएगा. क्योंकि कई बार सही तरह से सफाई न होने पर पशु को रक्तस्राव भी हो सकता है. जबकि इससे स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं उभर सकती हैं. सफाई करने के कई तरीके हैं कि लेकिन एक देसी तरीका भी है जो बड़ा कारगर है.

क्या है देसी उपाय
एक्सपर्ट का कहना है कि जब जेर गिर जाए तो पशु की सफाई जरूरी होती है. क्योंकि कई बार पशु इसे खुद से नहीं कर पाता है.

ऐसे में पशु खाना पीना कम कर देता है और जिसका असर दूध उत्पादन पर, साथ ही उसकी सेहत पर भी पड़ता है.

गर्भाशय की पूरी तरह से सफाई करने के लिए बस आपको 500 ग्राम बैगन, 250 ग्राम गुड़ और एक चम्मच अजवाइन की जरूरत पड़ेगी और इस नुस्खे को 3 दिन इस्तेमाल करना होगा.

इसके लिए 500 ग्राम बैगन, 250 ग्राम गुड़ को 1 लीटर पानी में अच्छी तरह से पाक लें जब बैगन मुलायम हो जाए तो उसके अंदर एक चम्मच अजवाइन डाल देना है.

जब ये तीनों चीज अच्छी तरह से पक जाए तो उसके बाद में ठंडा कर लें और पशु को खिला दें. चाहे गाय हो या फिर भैंस दोनों को खिलाया जा सकता है.

तीन दिनों तक आप इसे खिला देते हैं तो पशु की गर्भाशय की अच्छी तरह से सफाई हो जाएगी और इससे पशु सबकुछ खाने पीने लगेगा और दूध उत्पादन भी अच्छा हो जाएगा.

निष्कर्ष
वैसे आमतौर पर जेर गिरने के बाद डॉक्टर से गर्भाशय में दवाई रखवाई जाती है. पशु चिकित्सक द्वारा यह काम किया जाता है. ताकि पशुओं को किसी तरह की दिक्कत ना आए और वह बीमार भी न पड़े.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Animal husbandry, heat, temperature, severe heat, cow shed, UP government, ponds, dried up ponds,
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Animal News: देश में रजिस्टर्ड पशुओं की संख्या 39 करोड़ के है पार

नई दिल्ली. पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार कई...

पशुपालन

Animal News: बत्तीसी बकरी और ब्रज गधे को मिली मान्यता

नई दिल्ली. एक बड़ी वैज्ञानिक और संस्थागत उपलब्धि के तौर पर, मथुरा...

पशुपालनसरकारी स्की‍म

Animal Husbandry: गौशालाओं के बेहतर संचालन के लिए 505 करोड़ रुपए की सरकार ने की व्यवस्था

नई दिल्ली. भारतीय संस्कृति और ग्रामीण जीवन की धूरी माने जाने वाले...

पशुपालन

Animal Husbandry: 16 नई देशी नस्लों को मिली मान्यता, पशुधन और कुत्तों की नस्लों का रजिस्ट्रेशन हुआ

नई दिल्ली. भारत की समृद्ध पशु आनुवंशिक विविधता की पहचान और संरक्षण...