नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को राजधानी के रविन्द्र भवन में आयोजित गोवर्धन पूजा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मौजूद रहे. यहां उन्होंने एक बार फिर राज्य को डेयरी कैपिटल बनाने की बात दोहराई और इसका प्लान भी बताया. उन्होंने कहा कि हम इस दिशा में तेजी के साथ काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, आज गौमाता को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं. मप्र प्राकृतिक खेती में पहले नंबर का राज्य है. डेयरी में भी मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है. हमारा प्रयास है कि दूध उत्पादन में भी राज्य पहले स्थान पर आ जाए.
उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश नंबर वन राज्य बने और दूध उत्पादन का जब भी नाम आए तो लोग मप्र को याद करें. देश में मध्य प्रदेश दूध की राजधानी बने इसके लिए गौवंश संरक्षण का काम किया जा रहा है और समाज से भी आगे आने की अपील भी उनकी तरफ की गई है.
बनाई जाएगी ये योजना
उन्होंने गाय पालन के फायदों को गिनाया. कहा कि गाय का दूध पौष्टिक तो होता ही है, साथ गाय के दूध से बना घी अमृत के समान है.
बोले कि ये दुर्भाग्य है कि डेनमार्क और ब्राजील जहां हमारे यहां से गाय गईं और वहां इसका फायदा मिल रहा है, लेकिन हम उतना फायदा नहीं उठा पा रहे हैं.
वहीं कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने गोवर्धन पूजा की पुरानी परंपरा को शासन स्तर से मनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया.
उन्होंने इस मौके पर कहा कि स्वावलंबी गौशाला में 5 हजार से अधिकतम 25 हजार गौ वंश रखे जा सकेंगे.
बोले कि कई लोग गाय का दूध निकालकर सड़क पर छोड़ देते हैं. सड़क से गौ माता को हटाने के लिए स्वावलंबी गौशाला बनाने की योजना बनाई है.
वहीं इस मौके पर गौसेवा से संबंधित बेहतरीन काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया.
मुख्यमंत्री ने गौकृपा पंचगव्य आयुर्वेद संस्थान के हुकुमचंद पाटीदार, अखिल विश्व गायत्री परिवार के सूरज परमार, बृजमोहन रामकली गौसंवर्धन केन्द्र के प्रहलाद दास मंगल को सम्मानित किया.
वहीं महामृत्युंजय गौशाला के बृजेश व्यास तथा केन्द्रीय जेल भोपाल में संचालित श्रीकृष्ण गौशाला के लिए जेल अधीक्षक राकेश कुमार भांगने का भी सम्मान किया गया.











