नई दिल्ली. गर्मी की शुरुआत में पशुओं का ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. क्योंकि गर्मी के दिनों में पशुओं को हीट स्ट्रोक यानी लू का भी खतरा रहता है. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मी की शुरुआत से ही पशुओं को छायादार हवादार जगह पर रखें. दिन में तीन से चार बार ठंडा पानी उन्हें पिलाना चाहिए. पशुओं को हरा चारा ज्यादा खिलाना चाहिए. इसके अलावा कोशिश करें कि दोपहर के वक्त पशुओं को चराने के लिए न ले जाएं. क्योंकि उन्हें ऐसे समय में दिक्कतें हो सकती हैं. दरअसल, दोपहर के समय में सीधी धूप पड़ती है, जो पशुओं के लिए नुकसानदेह है.
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि सुबह शाम में उन्हें नहलाना चाहिए और बाड़े में पंखे कूलर का इंतजाम भी करना चाहिए. ताकि जैसे गर्मी की शुरुआत हो, पशुओं को गर्मी से बचाया जा सके. पशु गर्मी से बचेंगे तो उनका उत्पादन भी बेहतर रहेगा और इससे डेयरी फार्मिंग के काम में आपको नुकसान भी नहीं होगा. इससे जुड़ी हुई कुछ टिप्स बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से दी गई है. आइए इस बारे में जानते हैं.
गर्मी की शुरुआत में आहार प्रबंधन कैसे करें
एक्सपर्ट का कहना ही गर्मी में पशुओं को हरी घास यानी हरा चारा अधिक देना चाहिए. जिससे दूध उत्पादन बेहतर होता है.
सूखे चारे के साथ खनिज मिश्रण और नमक देना फायदेमंद होता है. इसलिए पशुओं को खनिज मिश्रण और नमक जरूर खिलाएं.
सुबह और शाम के समय चारा देना चाहिए. क्योंकि इस समय तापमान कम होता है और ऐसे समय में चारा देने से फायदा मिलता है.
पशुओं को सड़ा गला या खराब चारा बिल्कुल भी नहीं देना चाहिए. क्योंकि यह उन्हें बीमार कर सकता है.
पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था कैसे करें
गर्मी में पशुओं को पर्याप्त और साफ ठंडा पानी देना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि पानी की कमी से उत्पादन प्रभावित हो सकता है.
पशुओं को दिन में कम से कम 3 से 4 भर पानी पिलाना चाहिए. जिससे पशु गर्मी से ही बचता है.
पानी के बर्तन को हमेशा साफ रखना चाहिए. क्योंकि पानी के बर्तन अगर गंदे हैं तो इससे भी पशु को बीमारी लग सकती है.
निष्कर्ष
यदि आपने गर्मी की शुरुआत में आहार और पानी के प्रबंधन सही से करना सीख लिया है तो इससे उत्पादन में बेहतरी ला पाएंगे और आपको डेरी फार्मिंग के काम में फायदा होगा. वहीं सही तरह से नहीं करेंगे तो फिर पशुपालन में नुकसान होगा.












