नई दिल्ली. राजस्थान सरकार के शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा अहम बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति तथा आगामी कार्य योजना पर चर्चा की गई. जहां साशन सचिव ने बताया कि राजस्थान को 10 लाख सेक्स सॉर्टेड सीमन की डोज मिलेगी और इसका फायदा कैसे पशुपालकों को दिया जाए, इसकी योजना बना ली गई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा आधुनिक पशुपालन सेवाएं आसान कराने के लिए लगातार काम कर रही है.
विभाग के सभी कार्मिकों को एचआरएमएस (Human Resource Management System) से जोड़े जाने का निर्देश दिया. कहा कि प्रधानमंत्री के देश को डिजिटल भारत के रूप में विकसित करने की दिशा में पशुपालन विभाग भी तकनीकी रूप से सशक्त और सभी विभागीय सेवाओं को ऑनलाइन तथा सरल बनाने के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि विभाग के सभी कार्मिकों को एचआरएमएस से जोड़ा जाए और उनकी कार्ययोजना तथा प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को विभाग का डिजिटलाइजेशन करने की दिशा में गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए.
अफसरों को दिए ये निर्देश
सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक के उपयोग पर चर्चा करते हुए डॉ. समित शर्मा ने कहा कि यह पशुपालन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है जो पशुपालकों को चार गुना फायदा देगी.
डॉ. शर्मा ने सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना का प्रदेश में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने पर जोर दिया जिससे सभी पशुपालकों तक इसकी जानकारी पहुंच सके और वे इस योजना के लाभ से अवगत होकर इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं.
उन्होंने कहा कि सेक्स सॉर्टेड सीमन की 10 लाख डोज फरवरी तक प्रदेश को मिल जाएगी इसके वितरण के लिए अभी से कार्ययोजना बना ली जाए जिससे समय पर इसका उपयोग सुनिश्चित हो और पशुपालक इससे फायदा उठा सकें.
उन्होंने डोज को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन के रखरखाव पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सेक्स सॉर्टेड सीमन से ही एआई करनी है इसके लिए पशुधन निरीक्षक को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत है.
जिससे सही तरीके से एआई की जा सके. डॉ शर्मा ने कृत्रिम गर्भाधान का इन्द्राज पशुधन एप पर किए जाने के भी निर्देश प्रदान किए.
डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि विभाग के व्यय की भी मॉनिटरिंग की जाए और केंद्र और राज्य से मिलने वाले फंड का समुचित और समय पर इस्तेमाल किया जाए.
निष्कर्ष
उन्होंने विधान सभा के प्रश्नों को शून्य करने के निर्देश दिए. बैठक में पशुपालन निदेशक डॉ आनंद सेजरा ने नेत्र चिकित्सालय, एनिमल प्रोस्थेटिक सेंटर, पेट शॉप रजिस्ट्रेशन की भी जानकारी दी. अब तक प्राप्त 128 आवेदन में से 88 पेट शॉप पंजीकृत हो चुके हैं.












