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Animal Husbandry: 1 करोड़ 11 लाख गौवंशीय पशुओं को लगेगा लंपी का टीका

दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुओं को लंपी बीमारी से बचाने के लिए राजस्थान में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान किया जा रहा है. लंपी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान का शुभारंभ पशुपालन मंत्री ने किया है. इस अभियान में 1 करोड़ ग्यारह लाख गौवंशीय पशुओं का किया जाएगा.
इस अभियान के दौरान पशुपालन मंत्री ने खुद पशुओं को चारा खिलाकर और उनकी देखभाल करके इस कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि लंपी रोग एक गंभीर बीमारी है, जो पशुओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है. इस अभियान के जरिए सरकार यह तय करना चाहती है कि राज्य के सभी गौवंशीय पशु इस बीमारी से सुरक्षित रहें.

मंत्री ने कहा कि लंपी रोग पशुओं के लिए एक जानलेवा रोग है, जो संक्रामक भी है. इससे मुख्य रूप से गौवंश प्रभावित होते हैं और पशुपालकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है. प्रदेश दो साल पहले इस रोग का दंश झेल चुका है. इसलिए सरकार अब इस रोग से बचाव के लिए सक्रिय होकर कार्य कर रही है. सरकार ने लंपी रोग को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें से टीकाकरण और जागरूकता अभियान मुख्य हैं. टीकाकरण इस रोग से बचाव का एक प्रमुख हथियार है. इसलिए राज्य सरकार ने पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया है और आज से प्रदेश में दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके.

95 प्रतिशत गौवंश का टीकाकरण

पशुपालन मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भी दो माह के टीकाकरण अभियान के तहत राज्य की लगभग 95 प्रतिशत गौवंश का टीकाकरण किया गया था, जिससे रोग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था और गौवंश की हानि लगभग नहीं के बराबर हुई थी. वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 11 लाख 57 हजार गौवंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है. लंपी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण मानसून पूर्व खत्म किया जाना है ताकि समय पूर्व आवश्यक हर्ड इम्यूनिटी प्राप्त की जा सके. विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इस रोग के सर्वेक्षण, निदान और नियंत्रण के लिए आवश्यक तैयारियां और जिला एवं ब्लॉक स्तर पर टीकाकरण के लिए माइक्रोलेवल प्लानिंग तैयार करने के लिए विभाग द्वारा पूर्व में ही दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं. जिले की माइक्रोलेवल कार्ययोजना के अनुरूप संस्थाओं को उनके कार्य क्षेत्र में अवस्थित गौवंश पशुओं की संख्या के अनुसार टीकाकरण के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं. मंत्री कुमावत ने गौवंश की पूजा कर उन्हें चारा खिलाया और गौशाला का निरीक्षण किया. उन्होंने टीकाकरण दल को टीके का कैरियर भेंट किया. मौके पर ही दल के सदस्यों ने गौवंश का टीकाकरण किया.

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक और आरएलडीबी के कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर आनंद सेजरा, पिंजरापोल गौशाला के महामंत्री शिवरतन चितलांगिया, मंत्री विवके लड्ढा पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉक्टर सुरेश मीना, डॉक्टर विकास शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहित गौशाला के कार्मिक उपस्थित थे।

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