नई दिल्ली. भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के प्रतिष्ठित संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है. राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने संस्थान को उसके सभी काम, शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार और बुनियादी ढांचे के लिए सर्वोच्च ‘A++’ ग्रेड प्रदान किया है. ए++ ग्रेड से मान्यता प्राप्त करने वाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीम्ड विश्वविद्यालयों में पहला संस्थान बना है.
इस उपलब्धि पर संस्थान के डायरेक्टर डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद द्वारा A++ ग्रेड मिलना संस्थान के हर एक सदस्य-वैज्ञानिकों, शिक्षकों, छात्रों और प्रशासनिक कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है. यह केवल एक ग्रेड नहीं है, बल्कि पशु चिकित्सा विज्ञान में वैश्विक मानकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का रिजल्ट है.
जानें उपलब्धि के पीछे की मेहनत
हम भारत सरकार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के आभारी हैं जिन्होंने हमें लगातार समर्थन दिया. यह मील का पत्थर हमें देश की खाद्य सुरक्षा और पशुधन समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए और अधिक परिश्रम करने के लिए प्रेरित करेगा.
हमारा लक्ष्य आईवीआरआई को पशु चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा में विश्व के शीर्ष संस्थानों में स्थापित करना है.
कहा कि A++ ग्रेड प्राप्त करने के बाद, आईवीआरआई स्थिरता बनाए रखने और निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है.
यह उपलब्धि न केवल आईवीआरआई के लिए, बल्कि पूरे भारतीय पशु चिकित्सा और कृषि समुदाय के लिए एक प्रेरणा है. संस्थान देश के पशुधन क्षेत्र को एक नए मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार है.
डॉ दत्त ने आगे बताया कि संस्थान ने 4 में से 3.58 का असाधारण स्कोर (CGPA) प्राप्त करके, देश के शीर्ष शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है.
आईवीआरआई ए++ ग्रेड से मान्यता प्राप्त करने वाला भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीम्ड विश्वविद्यालयों में पहला संस्थान बन गया है.
साल 2018 से 2023 तक संस्थान के प्रदर्शन के गहन मूल्यांकन पर आधारित यह शीर्ष-स्तरीय ग्रेडिंग, पशु चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार में उत्कृष्टता के प्रति आईवीआरआई की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है.
इसी साल 2 से 4 जून, 2025 तक हुई एनएएसी की ऑन-साइट पीयर टीम ने संस्थान का भ्रमण कर सभी पहलुओं का मूल्यांकन किया था.
ज्वाइंट डायरेक्टर शैक्षणिक डॉ. एसके मेंदीरत्ता ने कहा कि सभी की इस सफलता का श्रेय एकजुटता, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. मनीष महावर और एसोसिएट नोडल अधिकारी डॉ. मधु सीएल की समर्पित कड़ी मेहनत, और सभी समिति अध्यक्षों तथा सदस्यों के सामूहिक योगदान को जाता है.
ये गौरवपूर्ण उपलब्धि आईवीआरआई के 135 साल से अधिक के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, जो देश में पशु स्वास्थ्य, पशुधन उत्पादन और जैव सुरक्षा के क्षेत्र में इसके अटल समर्पण और नेतृत्व को प्रमाणित करती है.
राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) मूल्यांकन एक कठोर और व्यापक प्रक्रिया है, जो उच्च शिक्षा संस्थानों को सात महत्वपूर्ण मानदंडों पर परखती है.
आईसीएआर-आईवीआरआई ने इन सभी मानदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो संस्थान की बहुआयामी क्षमता को दर्शाता है.
आईवीआरआई की स्थापना 1889 में हुई थी, और यह तब से लेकर अब तक भारत की पशुधन अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है.
‘A++’ ग्रेड इस बात का प्रमाण है कि संस्थान न केवल अपने इतिहास को संजोता है, बल्कि भविष्य के लिए भी नवाचार कर रहा है.











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