नई दिल्ली. बकरी पालन एक शानदार काम है. बकरी पालन को कहीं भी आसानी से किया जा सकता है. इस काम को घर पर छोटे पैमाने से भी शुरू कर सकते हैं. वहीं ज्यादा कमाई के लिए फार्म शुरू कर सकते हैं. बकरी पालन करने से खासतौर पर दो तरह से कमाई होती है. एक तो दूध उत्पादन से अच्छी कमाई होती है. वहीं बकरियों और बकरों के मीट की डिमांड भी रहती है. खासतौर पर बकरों के मीट की डिमांड ज्यादा रहती है. यदि आप बकरी पालन करते हैं तो अच्छी कमाई कर सकते हैं.
बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fishery Resources) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि बकरी पालन में बेहतर उत्पादन लेने के लिए बकरियों का हैल्दी रहना बेहद ही जरूरी है. बकरियां तभी हैल्दी रहेंगी जब वो बीमार नहीं होंगी. इसलिए जरूरी है कि बकरियों की हैल्दी होने की पहचान बकरी पालकों को पता हो. इस रिपोर्ट में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से कुछ अहम बातें इसी बारे में बताई गईं हैं. जिसको जानना हर बकरी पालक के लिए जरूरी है. आइए जानते हैं.
स्वस्थ होने की क्या पहचान
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि बकरी स्वस्थ है तो स्वस्थ बकरी का तापमान 101.5 डिग्री फार्रेनहाइट से 103.5 डिग्री फार्रेनहाइट के बीच होता है.
बकरी की अगर सेहत ठीक है तो उसकी दूसरी पहचान ये है कि एक स्वस्थ बकरी दिन भर में पर्याप्त पानी पीती है.
यदि आपकी बकरी पानी नहीं पीती है तो सावधान हो जाएं. क्योंकि पानी न पीना किडनी या पाचन समस्या का संकेत है.
वहीं एक स्वस्थ बकरी का खुर साफ, सख्त और बिना दरार वाला होता है. यदि बकरी का खुर ऐसा है तो फिर ठीक है मामला.
खुर में बदबू, सड़न, चलने में लंगड़ाना अगर दिखाई तो तुरंत प्राथमिक इलाज के लिए तैयार हो जाएं क्योंकि ये खुर रोग का संकेत है.
एक स्वस्थ बकरी आवाज पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है, सतर्क रहती है. यदि ऐसा है तो फिर मामला ठीक है.
बकरी का सिर झुकाकर उदास खड़ा रहना उसके बीमार होने का संकेत है. इसलिए बकरी की हर गतिविधि पर नजर होनी चाहिए.
निष्कर्ष
बकरी पालन में बकरियों का स्वस्थ रहना बेहद ही जरूरी होता है. इससे आपको ज्यादा कमाई का मौका मिलता है.












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