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Animal News: इस तरह का चारा देने से पशु हो रहे बांझपन का​ शिकार, यहां पढ़ें क्या है बचाने का रास्ता

पशु एक्सपर्ट कहते हैं कि खीस पिलाने के बाद दूसरा नंबर आता है बछिया को उचित पोषण देने का. इसके लिए आहार के साथ ही साफ पानी भी उचित मात्रा में देना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. यदि आप पशुपालक हैं तो यह खबर आपके लिए है और इस खबर को पढ़कर सावधान होने की जरूरत है. क्या आपको पता है कि जिस तरह से इंसानों के खान-पान में पौष्टिक तत्वों की कमी हो रही है, इसी तरह से पशुओं के चारे में भी पौष्टिक तत्व नहीं पाए जा रहे हैं. वैज्ञानिक इसका कारण फसलों और जमीन में हो रही खाद पेस्टिसाइड का ज्यादा इस्तेमाल बता रहे हैं. अगर आप भी अपने पशुओं को इस तरह का चारा खिला रहे हैं, जिसमें खाद और पेस्टिसाइड का ज्यादा इस्तेमाल किया गया है तो यह गंभीर मामला है. क्योंकि इससे आपके पशु बांझपन के भी शिकार हो सकते हैं.

इतना ही नहीं पशु के दूध उत्पादन में कमी और दूसरी छोटी बीमारियां तो आम बात हैं. इसलिए कोशिश करें कि पशुओं को इस तरह का चारा खिलाने से बचें. वहीं लुवास आधी कीमत पर मिनरल मिक्सचर पशुपालकों को उपलब्ध करवा रहा है, जिसको देने से पशुओं के चारे में हो रही पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सकता है.

पशुओं को होती है इन पोषक तत्वों की जरूरत
एनिमल एक्सपर्ट कह रहे हैं कि खाद और पेस्टिसाइड्स से भरपूर चारा खाने की वजह से पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ रही है. इस वजह से ज्यादातर पशु बांझपन का शिकार हो रहे हैं. उनका दूध उत्पादन कम हो रहा है. इससे डेयरी फार्मिंग में भी बड़ा नुकसान पशुपालकों को उठाना पड़ रहा है. पशुपालक कई कोशिश करते हैं कि दूध उत्पादन बढ़ जाए लेकिन उन्हें मालूम ही नहीं होता कि जिस चारे को खिला रहे हैं, उससे कभी भी दूध उत्पादन नहीं बढ़ने वाला है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पशुओं के शरीर को जरूरी मात्रा में पोषक तत्व कैल्शियम, फास्फोरस, मैगजीन, जिंक आदि की जरूरत होती है लेकिन पशुओं को यह पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है.

जरूरी हो गया है मिनरल मिक्सचर
दरअसल, अब तैयार हो रहे हैं पशु चारे में पोषक तत्वों की कमी हो गई है. इसका कारण खेती में ज्यादा दवाइयां और खाद पेस्टिसाइड का इस्तेमाल है. इसके चलते जमीन की उर्वरा शक्ति कम हो रही है और पैदावार भी काम हो रही है. इससे भी पशुओं को भरपूर चारा नहीं मिल पा रहा है. नतीजे में दुधारू पशु और का दूध उत्पादन कम हो रहा है. क्योंकि पशुओं के गर्भकाल के दौरान खनिज मिश्रण देना जरूरी हो गया है. इसके चलते न केवल पशु के शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी दूर होगी बल्कि दूध उत्पादन में बढ़ेगा.

दूध में कम हो गया है कैल्शियम
बता दें कि बाजार में वैसे तो कई कंपनियों के खनिज मिश्रण मिल रहे हैं लेकिन लुवास ने भी खनिज मिश्रण को तैयार किया है और बाजार के मुकाबले आधे दाम पर पशुपालकों को उपलब्ध कराया जा रहा है. जान लें कि पशु के शरीर में हो रही पोषक तत्व की कमी के कारण दूध की मात्रा तो कम हो ही रही है, बल्कि दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्व खासकर कैल्शियम पर भी असर पड़ा है.

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