नई दिल्ली. गुजरात के बोटाद जिले के सारंगपुर गांव स्थित BAPS स्वामीनारायण संस्था गौशाला में पशुओं के प्रजनन को लेकर कई काम किया जा रहा है. साथ ही पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. जिससे पशुपालकों को बेहतर उत्पादन करने वाले पशु मिल रहे हैं और इसका फायदा उन्हें हो रहा है. इसी गौशाला में संत ज्ञानेश्वरदास स्वामीजी, कोठारीश्री, सारंगपुर मंदिर और NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने एक नए पशु शेड की आधारशिला रखी है. जहां और भी पशुओं को रखा जा सकेगा. वहीं इस दौरान NDDB के चेयरमैन ने मौजूदा गौशाला का भी दौरा किया और तमाम सुविधाओं को देखा.
डॉ. मीनेश शाह ने यहां चल रही स्वदेशी पशु विकास पहल, खासकर गिर गायों और जाफराबादी भैंसों के लिए समीक्षा की. साथ ही बनाए जा रहे उच्च-गुणवत्ता वाले जर्मप्लाज्म की सराहना की. उन्होंने इसके लिए गोशाला संचालक को धन्यवाद भी दिया और कहा कि इसका फायदा तय तौर पर मिलेगा. उन्होंने इस तरह की पहल के लिए एनडीडीबी की ओर से की जा रही मदद का भी जिक्र किया.
अनुवांशिक सुधार के लिए किए जा रहे काम का किया जिक्र
वहीं सभा को संबोधित करते हुए, NDDB के चेयरमैन ने गिर, जाफराबादी, साहीवाल और कांकरेज जैसी स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और आनुवंशिक सुधार में पिछले 15 वर्षों में NDDB के लगातार प्रयासों पर प्रकाश डाला.
उन्होंने पिछले पांच वर्षों में सारंगपुर गौशाला टीम के साथ NDDB के घनिष्ठ सहयोग का का भी जिक्र किया
उन्होंने बताया कि इसमें एम्ब्रियो ट्रांसफर, IVF-ET और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके गिर पशु प्रजनन और उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
डॉ. शाह ने इस बात पर जोर दिया कि स्वदेशी नस्लों को मजबूत करने से भारतीय डेयरी क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.
उन्होंने गौशाला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए NDDB की सहायक कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड द्वारा 1.25 करोड़ के CSR समर्थन की भी घोषणा की, जिसका परियोजना निष्पादन IDMC लिमिटेड द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.
इस अवसर पर, संत ज्ञानेश्वरदास स्वामीजी, कोठारीश्री, सारंगपुर मंदिर ने स्वदेशी पशु विकास के लिए वैज्ञानिक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में NDDB के निरंतर समर्थन और नेतृत्व की सराहना की.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डेयरी सेक्अर को मजबूत करने के लिए देशभर में काम करता है. ताकि देश में पशुओं की उत्पादकता को बढ़ाया जा सके और इसका फायदा डेयरी किसानों को मिल सके.












