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Animal News: पशु की आंखों में होती है पांच बीमारियां, बचाव का तरीका है बेहद ही आसान

जाफराबादी भैंस गुजरात के जूनागढ़, भावनगर और अमरेली जिलों में पाई जाती है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालन में सबसे अधिक नुकसान पशुओं को होने वाली बीमारियों की वजह से होता है. एक तो बीमारी में पशुओं का उत्पादन घट जाता है. जबकि दूसरा उनकी सेहत खराब हो जाती है. इसके अलावा बीमारी के दौरान इलाज कराने की वजह से आने वाले अतिरिक्त खर्च की वजह से पशुपालन की लागत बढ़ जाती है. ऐसे में आप खुद भी अंदाजा लगा सकते हैं कि पशुपालकों को किस कदर बीमारियों की वजह से नुकसान उठाना पड़ जाता है. इसलिए एक्सपर्ट हमेशा ही ये सलाह देते हैं कि पशुओं को बीमारियों से बचाया जाए.

गौरतलब है कि आम इंसानों की तरह पशु भी बीमार पड़ते हैं. पशुओं को शरीर के अंदर और बाहर दोनों तरह की बीमारी होती है. पशु की आंख में भी समस्याएं आती हैं. आमतौर पर पशु की आंख में होने वाली 5 बीमारियां ज्यादा होती हैं.

पहचानें समय पर, बचाएं उनकी अनमोल आखें
पिंक आई (Pink Eye)

इसमें पशुओं की आंखें लाल हो जाती हैं.

आंखों से अधिक पानी आता है.

कॉर्निया पर सफेद धब्बा पड़ जाता है.

पशु आंख बंद रखता है.

कारण मक्खियों, धूल, धूप, तेज हवा और संक्रमित पशु की चोट है.

कॉर्नियल अल्सर बीमारी
इसमें कार्निया में जख्म हो जाता है.

आंखों में तेज दर्द होता है.

आंख में धुंधलापन.

पानी आना आम बात है.

कारण चोट, कांटा लगना, भूख, धूल का कण और संक्रमण है.

आंखों में कीड़े की बीमारी
लगातार पानी आना.

आंख में जलन.

खुजली और परेशानी.

कीड़े दिखाई देना.

कारण मक्खियों द्वारा फैलने वाले लार्वा से संक्रमण है.

मोतियाबिंद (Cataract)
पुतली सफेद दिखना

नजर का कम होना

समझने में कठिनाई

कभी-कभी पूरी तरह अंधापन

कारण उम्र बढ़ना, पोषण की कमी, चोट और संक्रमण है.

कैंसर आई (Cancer Eye)
आंख के आसपास मांस बढ़ना

बदबू आना

कारण धूप (UV), आनुवंशिक कारण, पुराना संक्रमण है.

बचाव के उपाय जानें
मक्खियों पर नियंत्रण रखें.

हमेशा ही पशुशाला को साफ रखें.

पशु को धूल, धुआं और तेज हवा से बचाएं.

पशुओं को संतुलित आहार दें विटामिन-A अवश्य दें.

आंख में चोट या समस्या होती ही इलाज करें.

नियमित पशु चि​कित्सक से संपर्क करें.

निष्कर्ष
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि बीमारियों से बचाव का सही उपाय बीमारियों की सही पहचान है. वहीं समय पर पहचान और सही इलाज से पशु की आंखों की बीमारी को और उसकी रोशनी बचाया जा सकता है साथ ही नुकसान से बचा जा सकता है.

Written by
Livestock Animal News Team

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