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Dairy: नेपाल के कोऑपरेटिव सदस्यों ने भारतीय डेयरी मॉडल की बारीकियां जानी

ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले कोऑपरेटिव सदस्य.

नई दिल्ली. भारत दुनियाभर में नंबर वन दूध उत्पादक देश है. जबकि दुनियाभर के दूसरे देश भारत के आसपास भी नहीं हैं. वहीं देश हर साल दूध उत्पादन में आगे बढ़ता ही जा रहा है. यही वजह है कि भारत के डेयरी मॉडल को दुनियाभर के तमाम देश अपनाकर अपने यहां भी दूध उत्पादन को बढ़ाना चाहते हैं. इसी कड़ी में भारत के पड़ोसी देश नेपाल के भी कोऑपरेटिव सदस्यों ने डेयरी मॉडल की बारीकियां सीखीं. इसके लिए बकायदा तौर पर एक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया. जहां तमाम सदस्यों को अहम जानकारियों से रूबरू कराया गया.

असल में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB ने सार्क सचिवालय देशों (भारत और नेपाल) के कोऑपरेटिव सदस्यों के लिए ‘कोऑपरेटिव बिजनेस मॉडल के जरिए डेयरी विकास पर अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम’ आयोजित किया. ये कार्यक्रम Vamnicom पुणे की एक स्वायत्त संस्था CICTAB (कृषि बैंकिंग में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और प्रशिक्षण) के सहयोग से आयोजित किया गया था.

क्या-क्या सीखा, जानें यहां
इस पहल का मकसद प्रतिभागियों को कोऑपरेटिव बिजनेस मॉडल से परिचित कराना और भारत के डेयरी कोऑपरेटिव सेक्टर की भूमिकाओं के बारे में बताना था.

वहीं डेयरी के कामकाज और बेहतरीन तरीकों के बारे में गहरी जानकारी देना भी था. इस कार्यक्रम में कुल 17 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.

प्रशिक्षण में ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए डेयरी कोऑपरेटिव हस्तक्षेप, वैश्विक डेयरी रुझान आदि की जानकारी दी गई.

वहीं पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, डेयरी संचालन में IT एप्लीकेशन, चारा और फीड योजना और प्रभावी क्षमता-निर्माण पद्धतियों के बारे में बताया गया. इसके अलावा भी कई प्रमुख विषयों को शामिल किया गया था.

एक्सपोजर विजिट के हिस्से के रूप में, प्रतिभागियों ने NDDB द्वारा समर्थित कई संस्थानों का दौरा किया.

जिसमें सोलर पंप सिंचाई कोऑपरेटिव एंटरप्राइज, मुजकुवा सखी खाद सहकारी मंडली और वासना में स्लरी प्रोसेसिंग सेंटर शामिल हैं.

इस कार्यक्रम में गुजरात के आनंद में अमूल डेयरी के चॉकलेट प्लांट और संदेशर डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी का दौरा भी शामिल था.

कार्यक्रम के समापन पर, प्रतिभागियों ने रणनीतिक कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं, जिसमें अपने-अपने क्षेत्रों में कोऑपरेटिव शिक्षा और क्षमता निर्माण को मजबूत करने के तरीकों की रूपरेखा बताई गई थी.

वहीं दूसरी ओर NDDB ने हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर मेरठ में मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए एथनोवेटेरिनरी प्रैक्टिस (EVP) पर एक दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया.

ये NDDB के DISHA (डेयरी इंटीग्रेटेड सेफ्टी एंड हेल्थ एक्शन) प्रोजेक्ट के तहत वन हेल्थ पहल का हिस्सा था.

इस प्रोग्राम का मकसद पशु चिकित्सकों और पैरा-पशु चिकित्सकों को एक साथ लाना था ताकि बीमारी की रोकथाम आदि की जानकारी दी गई.

वहीं एंटीमाइक्रोबियल के कम इस्तेमाल और झुंड के स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान देते हुए फील्ड लेवल पर पशुधन स्वास्थ्य प्रबंधन में EVP के इंटीग्रेशन को मजबूत किए जाने पर जोर दिया गया.

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