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Animal News: राजस्थान में एक साल में 30 लाख से ज्यादा पशुओं का हुआ मोबाइल वेटरनरी यूनिट से इलाज

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुपालन के क्षेत्र में राजस्थान सरकार भी कई बेहतरीन काम कर रही है. पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरनरी यूनिट, सेक्स सॉर्टेड सीमन तथा अन्य प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करके प्रगति की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि हर एक जिले में नियमित मॉनिटरिंग किए जाने और फील्ड विजिट के जरिए वास्तविक स्थिति का आकलन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत सेक्स सॉर्टेड सीमन की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की.

इसकी समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा सेक्स सॉर्टेड समीन योजना दोनों बजट घोषणा के कार्य हैं और मुख्यमंत्री विषेष रूप से इन पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने कुछ जिलों की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए योजना के प्रभावी तरह से लागू करने पर बल दिया जिससे सेक्स सॉर्टेड सीमन का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो.

कारण बताओं नोटिस जारी करें
उन्होंने कार्य में गति लाने के लिए संस्थावार और तकनीकी कार्मिकवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने पर जोर दिया.

वहीं कमजोर प्रगति वाली संस्थाओं और कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए जबकि अच्छा काम करने वाले जिलों की प्रशंसा भी की.

उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभाग की मजूती के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी की.

इस समीक्षा को करते हुए कहा कि सरकार मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी और सुचारू संचालन के प्रति बहुत गंभीर है.

मोबाइल वेटरनरी यूनिट के संचालन से पशुपालकों और पशुओं को खासकर सुदूर क्षेत्रों में स्थित पशुपालकों को बहुत ही लाभ हुआ है.

अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में 7 लाख 71 हजार 892 पशुपालकों ने 30 लाख 96 हजार से अधिक पशुओं का इलाज मोबाइल वेटरनरी यूनिट से कराया है.

इसके अलावा लगभग 95 हजार पशुपालकों ने चैटबॉट के माध्यम से अपने पशुओं की बीमारी का उपचार लिया.

उन्होंने कहा कि एफएमडी टीकाकरण में विभाग का काम शानदार रहा है. इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण पहले कभी नहीं हुआ.

चार जिलों ने अब तक एफएमडी टीकाकरण का शतप्र तिशत इंद्राज भी पोर्टल पर कर दिया है.

शासन सचिव ने इसके लिए अधिकारियों की सराहना की और उन्हें बधाई देते हुए शेष जिलों को भी 23 फरवरी तक शतप्रतिशत इंद्राज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए.

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