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Animal Husbandry: गर्मी ही नहीं कई अन्य वजहों से शरीर में पानी होता है कम, जानिए इसके कारण

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. खासतौर पर गर्मी के दिनों में पशुओं को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. हालांकि पशुओं को पानी देने के दौरान इन बातों का ध्यान देना चाहिए कि पशु को जो पानी दिया जा रहा है वह शुद्ध होना चाहिए. विषैला पदार्थ उसके अंदर नहीं होना चाहिए. वहीं साफ पानी पशुओं को हर समय उपलब्ध रहना चाहिए. यदि यह संभव न हो तो जाड़ों में कम से कम दो बार और गर्मियों में तीन बार पशु को पानी पिलाना चाहिए. इस तरह से उत्पादन में इजाफे पर पानी की कमी से पड़ने वाले प्रभाव को रोका जा सकता है. पशुओं से अधिक उत्पादन हासिल किया जा सकता है.

एक्सपर्ट कहते हैं पशुओं के सिर्फ कम पानी पिलाना ही उनके शरीर में पानी की कमी होने की वजह नहीं होती. कई और वजह भी है. जिनकी वजह से पशुओं के शरीर में पानी कम हो जाता है. आाइए यहां आपको पशुओं के शरीर में पानी कम होने की चार वजह गिनाते हैं. आप पशुपालक हैं, इसलिए ये जानकारी आपके काफी काम आएगी.

चारे की मात्रा एवं गुण: पशुओं को 1 किलोग्राम सूक्ष्म पदार्थ वाले भोजन के साथ 3 से 4 लीटर पानी की आवश्यकता होती है. यदि आहार में प्रोटीन तथा खनिज लवणों की मात्रा अधिक है तो पानी की आवश्यकता और ज्यादा बढ़ जाती है. क्योंकि पेशाब के रूप में ज्यादा पानी बाहर निकलता है. इसलिए पशुओं को ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाना चाहिए.

तापमान में इजाफा: वातावरण का तापमान बढ़ने पर पानी की जरूरत ज्यादा बढ़ जाती है. सामान्य तौर पर 75 फारेनहाइट तापमान तक पानी की आवश्यकता में वृद्धि नहीं होती है, लेकिन तापमान इससे अधिक बढ़ने पर पानी की आवश्यकता में ज्यादा इजाफा हो जाता है. यह प्रति किलोग्राम आहार के शुष्क पदार्थ की 5 से 5.0 गुना तक बढ़ जाती है.

ज्यादा उत्पादन की वजह से: 1 किलोग्राम दूध पैदा करने के लिए लगभग 3 लीटर पानी की जरूरत होती है. इसलिए अधिक दूध देने वाले पशुओं की पानी की आवश्यकता कम दूध देने वाले पशु से हमेशा ही अधिक होगी. इसी प्रकार कार्यरत और गर्भित पशुओं को सामान्य पशुओं से ज्यादा पानी की जरूरत होती है. अगर एक पशु 20 लीटर दूध का उत्पादन करता है तो उसे 60 लीटर पानी की आवश्यकता होगी.

नस्ल के हिसाब से पानी की जरूरत: नस्ल के हिसाब से भी पानी की जरूरत निर्धारित होती है. कई बार अलग-अलग नस्ल के पशु ज्यादा और कम पानी पीते हैं. विदेशी नस्ल के पशु भारतीय नस्ल की तुलना में ज्यादा पानी पीते हैं. इसलिए अगर आप विदेशी पशु को पाल रहे हैं तो फिर उन्हें ज्यादा पानी देना चाहिए. ताकि उनके शरीर में पानी की कोई कमी ना रह जाए.

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