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Dairy: गाय का दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालक जरूर करें ये काम

पशु एक्सपर्ट कहते हैं कि खीस पिलाने के बाद दूसरा नंबर आता है बछिया को उचित पोषण देने का. इसके लिए आहार के साथ ही साफ पानी भी उचित मात्रा में देना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. हरित क्रान्ति ने किसानों की आर्थिक दशा में एक अभूतपूर्व सुधार किया है. ये इसलिए संभव हो सका कि जब किसानों ने उन्नत नस्ल के बीज, अच्छी खाद और तथा फसलों को बीमारी से बचाव करने के लिए उन्नत विधि को अपनाया. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर पशु पालक भाई दूध कान्ति को साकार रूप देना चाहते हैं तो उनको भी अपने पशुओं की नस्ल में सुधार करने की जरूरत है. इसके अलावा पशुओं को संतुलित आहार भी देना होगा. जबकि पशुओं को बीमारियो से बचाव करने के लिए उन्नत उपायो को अपनाना होगा.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अधिक उत्पादन करने वाली गाय और भैंस भी अपनी उत्पादन क्षमता के उच्चतम शिखर पर तब ही पहुंच पायेगी जब उनके संतुलित आहार, रखा-रखाव और बीमारियों की रोकथाम उन्नत विधि से की जायेगी. इसके लिए आपको कुछ सुझाव दिये जा रहे हैं. अगर आपने इसे अपना लिया तो पशुओं की उत्पादन क्षमता में इससे इजाफा हो जाएगा और आपकी अच्छी कमाई भी हो जाएगी.

गाय को कब गाभिन कराना चा​हिए
एक गाय तब ही फायदेमंद हो सकती है, जब कि उसके दो ब्यात का गैप 13-14 माह का हो. इसके लिए गाय को ब्याने के 2 माह बाद फिर से गाभिन करवा देना चाहिए. गाय ब्याने के बाद लगभग 45-60 दिन के फिर से एक बार गर्मी में आ जाती है. इसके बाद हर 21 दिन में गर्मी में आती रहती है. इसलिए जब गाय पहली बार गर्मी को छोड़ कर दूसरी बार गर्मी में आये तो इसी वक्त गाय को गाभिन करवा लेना चाहिए. अधिक देर करने से दूसरे ब्यात का अंतर बढ़ेगा जिससे पशु पालक को नुकसान होगा.

पचने वाला पौष्टिक आहार दें
एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि गाय को ब्याने के दो माह पहले से ही सामान्य खुराक के अलावा प्रतिदिन डेढ किलो दाना आहार अवश्य देना चाहिए. वहीं बच्चा देने के बाद पहले 5 दिन गाय को हल्का पचने वाला पोष्टिक आहार दिया जाना चाहिए. जिसमें आप चाहें तो 500 ग्राम गुड़, अजवाइन 25 ग्राम मेथी 500 ग्राम दे सकते हैं. गाय को 25 ग्राम नमक और 25 ग्राम खनिज लवण अवश्य खिलायें. इससे भी फायदा मिलेगा. जन्म के तुरन्त बाद बछड़े—बछड़ी की नाल को शरीर से लगभग दो इंच छोड़ कर काटे और डोर से बांध दें. ये याद रखें कि उस पर टिंचर आयोडीन जरूर लगायें. ब्याने के बाद गाय के धन, योनि, पिछले पर पानी में कीटाणु नाशक दवाई या साल दवाई मिला कर उससे अच्छी तरह साफ करें.

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