नई दिल्ली. फिशरीज को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह की स्कीम चला रही है. इस स्कीम से मछली पालकों और मछुआरों की इनकम में ग्रोथ करना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है. वहीं कई तरह की साधन भी सरकार उपलब्ध करा रही है. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, मत्स्य निदेशालय बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना के लिए 2024−25 के लिए आवेदन मांगे हैं. इसका लाभ मछुआरों को दिया जाएगा. मछुआरों की इनकम में ग्रोथ और रोजगार के नए अवसर मिलें, ये सरकार के प्रयास हैं. मछुआरों या मछली विक्रेताओं को इस स्कीम के तहत थ्री व्हीलर, आइस बॉक्स सहित सब्सिडी भी दी जा रही है. जिससे ताजा और साफ मछली की बिक्री को बढ़ावा मिले. मछुआरों और मछली विक्रेताओं को कुछ अन्य फायदे भी इसमें मिल रहे हैं.
मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना में मछली पालने वालों के लिए आवेदन मांगे गए हैं, इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च है. आपको इस योजना का लाभ लेने के लिए क्या-क्या करना है, ये जानकारी आपको हम इस आर्टिकल से दे रहे हैं. मत्स्य शिकार माही एवं विपणन किट वितरण योजना और मत्स्य परिवहन योजना. इन दो योजनाओं में बिहार सरकार ने आवेदन मांगे हैं, इनमें आप लाभ ले सकते हैं क्या है यह योजनाएं उनकी जानकारी आपको बताते हैं.
मत्स्य शिकार माही एवं विपणन किट: शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में मछली विक्रेता लाभकों को 100 फीसदी सब्सिडी पर मत्स्य शिकार माही एवं विवरण किट दी जाएंगी.
मत्स्य परिवहन योजना: राज्य के इच्छुक मछली विक्रेता जो थोक, खुदरा मूल्य की बिक्री करते हैं. चयन होने पर उन्हें 50 फीसदी सब्सिडी के साथ थ्री व्हीलर उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं आइस बॉक्स भी दिए जाएंगे.
ये है प्रक्रिया: क्या प्रक्रिया है वह भी समझिए, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में मछली विक्रेताओं को चयन किया जाएगा. लाभार्थी को संबंधित एजेंसी से कोटेशन प्राप्त करना होगा. बैंक ड्राफ्ट के से अंशदान जमा करना होगा, जिले में कैंप लगाकर इनको बांटा जाएगा.
कैसे होगा चयन: मत्सयजीवी समिति के सदस्य, अनुसूचित जाति, जनजाति, जीविका समूह एफएफपीओ. लाभार्थी को आवेदन के साथ अपना मोबाइल नंबर, बैंक खाता डिटेल और दुकान के साथ अपना फोटोग्राफ जो पोस्टकार्ड साइज में होगा, वह देना होगा. आवेदन पर खुद के साइन किए घोषणा पत्र भी जरूरी है. योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे जो, fisheries.bihar.gov.in पर उपलब्ध हैं. सरकार का प्रयास है कि मछली पालक, मछुआरों और मछली की बिक्री करने में ज्यादा से ज्याद रोजागार के साधन उपलब्ध कराए जाएं.












