Home डेयरी Dairy: क्या आप भी कर रहे हैं ये गलती तो दूध उत्पादन हो जाएगा कम, बढ़ाने के लिए पशुओं को पिलाएं ये चीज
डेयरी

Dairy: क्या आप भी कर रहे हैं ये गलती तो दूध उत्पादन हो जाएगा कम, बढ़ाने के लिए पशुओं को पिलाएं ये चीज

livestock animal news
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. हर पशुपालक भाई ये चाहते हैं कि उनका पशु ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन करे. बावजूद इसके कई बार उन्हें दूध का उत्पादन सही नहीं मिलता है. अगर आप भी उन्हीं पशुपालकों में से हैं, जिनका पशु दूध उत्पादन कम कर रहा है तो क्या आपने कभी सोचा कि ऐसी क्या गलती हो रही है कि जिससे पशु का दूध उत्पादन कम हो रहा है. जी हां कई बार पशुपालकों की गलती की वजह से भी दूध का उत्पादन कम हो जाता है. जिससे उन्हें डेयरी फार्मिंग में नुकसान होने लगता है. इसलिए हमेशा ही इस बात का ध्यान रखें कि पशुपालन में आपसे कोई चूक न हो. खासतौर पर पशुओं की देखरेख में और उनके खान-पान में चूक होने से दूध का उत्पादन सही मात्रा में नहीं होगा.

पशुओं की देखरेख में पशुपालकों की ओर से की जा रही गलतियों की बात की जाए तो उसमें से एक है, पशुओं को पानी सही मात्रा में न पिलाना. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर पशु सही मात्रा में पानी नहीं पिएगा तो उसका दूध उत्पादन ठीक नहीं होगा. क्योंकि पशु के दूध में 80 फीसदी तक पानी होता है. इस वजह से पशुओं को उनकी जरूरत के मुताबिक पानी पिलाना चाहिए. इस बात का भी ध्यान दें कि पानी हमेशा ही साफ होना चाहिए. पानी में किसी तरह की कोई गंदगी न हो, इससे पशुओं को बीमारियां हो सकती हैं.

पाचनतंत्र पर पड़ता है असर
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पानी से पशुओं का दूध का उत्पादन बढ़ता है. इसलिए पानी की कमी पशुओं के शरीर में नहीं होनी चाहिए और इसमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पशुओं को सही समय पर पानी न मिले तो उनके पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है. ऐसे में पशुओं को हमेशा ही सही समय पर पानी पिलाना चाहिए. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर पशुओं के पाचन तंत्र पर असर पड़ता है तो उन्होंने जो भी खाया पिया है, वह पचेगा नहीं. इससे पशु बीमार भी हो सकता है. वहीं उसका दूध उत्पादन कम हो जाएगा.

कितना पिलाना चाहिए पानी
एक्स्पर्ट का कहना है कि पशु के बीमार होने से उनका इलाज करवाना पड़ता है और इस वजह से पशुपालन की लागत बढ़ जाती है और इससे डेयरी फार्मिंग में नुकसान हो जाता है. इस वजह से पशुओं को संतुलित मात्रा में पानी पिलाना चाहिए. क्योंकि पशुओं के शरीर में पानी असंतुलित मात्रा में होने से उनके शरीर का संतुलंत बिगड़ जाता है. इस वजह से पशुओं का दूध उत्पादन कम हो जाता है. वहीं पानी की कमी से पशुओं में तनाव भी बढ़ता है. जिससे सीधे दूध घटने लगता है. गाय और भैंस को सर्दियों में रोजाना 30 से 50 लीटर पानी पिलाना चाहिए, जबकि गर्मी में 40 से 60 लीटर पानी पिलाना चाहिए.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy News: बिहार के पूर्वी चंपारण में गायों की नस्ल सुधार पर होगा काम, बढ़ेगी डेयरी किसानों की इनकम

नई दिल्ली. बिहार के मोतिहारी में आयोजित कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य उद्यमी...

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
डेयरी

Milk Production: दूध की क्वालिटी बढ़ाने के लिए सरसों, सोयाबीन और मूंगफली खली खिलाएं

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग का बिजनेस पूरी तरह से दूध उत्पादन और...

भैंस को दिन में दो-तीन बार नहलाना चाहिए.
डेयरी

MP Dairy Sector: सांची ब्रांड होगा मजबूत, दूध कलेक्शन बढ़ेगा, 2973 करोड़ रुपए हुए मंजूर

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को डेयरी कैपिटल बनाने के लिए सरकार कई...

दुधारू पशुओं के बयाने के संकेत में सामान्यतया गर्भनाल या जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद हो जाता है.
डेयरी

Dairy Farm: सबसे अच्छा डेयरी फार्म गाय का है या भैंस का, यहां जानें

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में गाय और भैंस को पाला...