Home डेयरी Dairy: हर ब्लॉक में एक-एक वृंदावन ग्राम बनाएगी सरकार, जमीन देने पर किसानों मिलेगा चार गुना मुआवजा
डेयरी

Dairy: हर ब्लॉक में एक-एक वृंदावन ग्राम बनाएगी सरकार, जमीन देने पर किसानों मिलेगा चार गुना मुआवजा

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल यानि देश में नंबर वन दूध उत्पादक देश बनाने की तैयारी कर रही राज्य सरकार प्रदेश के हर ब्लॉक में एक-एक वृंदावन ग्राम बना रही है. ताकि दूध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिले सके. इसकी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में कहा है कि किसान भाइयों कभी चिंता नहीं करनी है. प्रदेश में कहीं भी, किसी भी विकास और निर्माण के लिए यदि सरकार किसानों से उनकी जमीन लेगी, तो अब उन्हें चार गुना मुआवजा दिया जाएगा. प्रदेश के विकास में सहयोगी किसानों के प्रति यही हमारी कृतज्ञता है.

वहीं 25 गायों की गौशाला खोलने वालों को भी सरकार 10 लाख रूपए सब्सिडी भी दे रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और हर किसान, पशुपालक, दुग्ध उत्पादक को आत्मनिर्भर बनाने में डेयरी सेक्टर एक मजबूत आधार है. हमारी सरकार दुग्ध उत्पादन एवं इसके जरिए स्वावलंबन को ग्रामीण विकास का प्रमुख स्तंभ बनाकर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रही है.

एनडीडीबी के साथ मिलकर काम कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध का कोई विकल्प नहीं है. यह गौवंश के दूध का पुण्य-प्रताप ही है कि हमारा देश और प्रदेश तेजी से चहुमुंखी विकास की ओर आगे बढ़ रहा है.

पशुपालकों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए सरकार नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने की ओर बढ़ रही है.

नई-नई गौशालाएं खोली जा रही हैं। मात्र 25 गायों की गौशाला खोलने वाले पशुपालक को भी हमारी सरकार 10 लाख रूपए प्रति यूनिट सब्सिडी दे रही है.

उन्होंने कहा कि दूध के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं. सरकार दूध के बढ़ते दाम का सीधा लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है.

प्रदेश की सड़कों पर निराश्रित एवं आवारा पशुओं को समुचित स्थान अर्थात् गौशालाओं तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसी गौशालाओं की स्थापना के लिए भी हम अनुदान दे रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमार पशुओं के मौके पर ही समुचित इलाज के लिए प्रदेश में गौ-एंबुलेंस का संचालन भी किया जा रहा है.

एक फोन करने पर गौ-एम्बुलेंस सीधे पशुपालक के घर पहुंच जाती है. यह गौवंश के प्रति हमारे सम्मान, आस्था और संवेदनशीलता का भी परिचायक है.

निष्कर्ष
सरकार किसी भी हालत में देश को नंबर वन दूध उत्पादक राज्य बनाना चाहती है. इसको देखते हुए तमाम काम सरकार की तरफ से किए जा रहे हैं. जिसका फायदा भी किसानों को हो रहा है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरी

Milk Production: पशुओं को लिक्विड कैल्शियम फायदा भी पहुंचाता है और नुकसान भी

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में पशु ज्यादा दूध का उत्पादन...

डेयरी

Dairy: डेयरी किसानों को मिल्क यूनियन में दूध देने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित, नियमित मिल रहा भुगतान

नई दिल्ली. मणिपुर में मणिपुर मिल्क यूनियन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय डेयरी विकास...

डेयरी

Dairy News: डेयरी सेक्टर को मजबूत करने में सहयोग देगा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) देश में डेयरी सेक्टर को...

डेयरी

Dairy: एमपी में दूध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए किया भुगतान, एक साल में 15 फीसद बढ़ा

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को...