नई दिल्ली. असम के गवर्नर के ओएसडी प्रोफेसर बेचन लाल और कमिश्नर व सेक्रेटरी एसएस मीनाक्षी सुंदरम के नेतृत्व में असम का एक डेलीगेशन एनडीडीबी के आनंद पहुंचा. जहां प्रतिनिधिमंडल ने अपने दौरे के दौरान एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह से मिला. डॉ. शाह ने उन्हें राज्य में एनडीडीबी के दखल और असम के डेयरी सेक्टर को मजबूत करने में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैसे एनडीडीबी ने 2008 में असम सरकार के अनुरोध पर WAMUL का मैनेजमेंट संभाला, “पूरबी” ब्रांड (पूरबी डेयरी) के ज़रिए किसानों का भरोसा फिर से बनाया.
उन्होंने कहा कि एनडीडीबी ने ईस्ट असम मिल्क यूनियन (EAMUL) को फिर से शुरू करने में भी मदद की है. उन्होंने सात साल के असम डेयरी डेवलपमेंट प्लान के प्रस्ताव, नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (NEDFL) जॉइंट वेंचर के गठन और पूरे असम में खरीद, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की चल रही कोशिशों में NDDB की भूमिका के बारे में भी बताया.
जमीनीं हकीकतों से होंगे रूबरू
गौरतलब है कि असम में एनडीडीबी की खास कामयाबियों का एक ओवरव्यू दिखाया गया, जिसमें कोऑपरेटिव कवरेज में बढ़ोतरी पर चर्चा हुई.
वहीं दूध की खरीद और प्रोसेसिंग को मज़बूत करना, इनपुट सर्विस का विस्तार, चारा और AI डिलीवरी सिस्टम, सस्टेनेबिलिटी की कोशिशें और ऑर्गनाइज़्ड डेयरी डेवलपमेंट से किसानों के लिए हुई एक्स्ट्रा इनकम शामिल है.
डेलीगेशन ने असम में डेयरी डेवलपमेंट को मजबूत करने में NDDB के लगातार सपोर्ट की तारीफ़ की, चेयरमैन का शुक्रिया अदा किया और आगे मिलकर काम करने की कोशिशों के लिए NDDB के साथ मिलकर काम करने की अपनी इच्छा जाहिर की.
अपने दौरे के दौरान, डेलीगेशन ने मणिबेन पटेल को श्रद्धांजलि दी, भारत के कोऑपरेटिव मूवमेंट में उनके योगदान को माना और परिक्रमा, जीनोमिक्स लैब, OPU–IVF लैब और चारा डेमोस्ट्रेशन यूनिट का दौरा किया.
बता दें कि इस दौरे के हिस्से के तौर पर, डेलीगेशन मुजकुवा गांव भी जाएगा ताकि अलग-अलग जमीनी कामों का अनुभव कर सके.
साथ ही IDMC लिमिटेड, NDDB CALF लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, बनास डेयरी, अमूल और अमूल डेयरी की टीमों से बातचीत कर सके.











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