Home पशुपालन Animal News: यहां 700 पशु चिकित्सकों की होगी नियुक्ति, साल 2026 में बनेंगे 735 पशु अस्पताल
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Animal News: यहां 700 पशु चिकित्सकों की होगी नियुक्ति, साल 2026 में बनेंगे 735 पशु अस्पताल

गर्मियों में पशु बहुत जल्द बीमार होते हैं. अगर ठीक से इनकी देखरेख कर ली जाए तो हम पशुओं को बीमार होने से बचा सकते हैं.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के काम लगातार चल रहा है. दूध सहकारी समितियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग सभी काम को सुनिश्चित करें. पिछले दो वर्ष में डेयरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी अर्जित हुई हैं. इन्हें निरंतर कायम रखना भी बेहद ही जरूरी है. ये बाते उन्होंने पिछले दिनों मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में कही हैं.

बैठक में पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल समेत तमाम लोग मौजूद रहे. बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में एक साल में करीब 1000 नई दूध सहकारी समितियां गठित की गई हैं. साथ ही 585 नहीं चलने वाली समितियों को फिर से चलाया गया है. ताकि इसका फायदा पशुपालकों को मिल सके.

पशु अस्पताल भी बनाए जाएंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिक्त पदों की पूर्ति जल्द करने के निर्देश दिए. बैठक में जानकारी दी गई कि लोकसेवा आयोग द्वारा शीघ्र ही 200 पशु चिकित्सकों के चयन का काम पूरा किया जा रहा है.

इसी तरह कर्मचारी चयन मंडल ने 500 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों को भरने के लिए रिजल्ट घोषित किए हैं. जल्द ही पदों पर कर्मचारियों जिम्मेदारी दी जाएगी.

सीएम ने कहा कि आने वाले वर्ष 735 पशु चिकित्सालय स्थापित करने की प्रक्रिया भी संचालित है.

बताया गया कि प्रदेश में गौशालाओं को प्रति गाय 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए राशि दी जा रही है.

प्रदेश में दुग्ध संघों द्वारा पशुपालकों से खरीदे गए दूध पर प्रति लीटर ढाई रुपए से लेकर साढ़े आठ रुपए तक वृद्धि की गई है.

दूध उत्पादकों को दूध के मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान के लिए समय- सीमा निर्धारित की गई है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गाय के दूध से निर्मित घी, गौ काष्ठ और गौ मूत्र जैसे पदार्थों के विक्रय की बेहतर व्यवस्था बनाई जाए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु चिकित्सा एक महत्वपूर्ण आयाम है, इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार आवश्यक है. राज्य के पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टॉफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों की जानकारी प्राप्त की. बताया गया कि प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं.

Written by
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