Home डेयरी Dairy Business: डेयरी बिजनेस में इस तरह से भी होती है बंपर कमाई, ट्रेनिंग में दिए गए टिप्स
डेयरी

Dairy Business: डेयरी बिजनेस में इस तरह से भी होती है बंपर कमाई, ट्रेनिंग में दिए गए टिप्स

ट्रेनिंग के दौरान शामिल लोग.

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटेरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के डायरेक्टरेट ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन ने कॉलेज ऑफ डेयरी एंड फ़ूड साइंस टेक्नोलॉजी में “दूध और दूध के प्रोडक्ट्स की वैल्यू एडिशन” नाम से तीन दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया . इस प्रोग्राम का मकसद मुश्काबाद FAM डेयरी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की कैपेसिटी को बढ़ाना था. जहां ट्रेनिंग में ये सिखाया गया कि डेयरी बिजनेस में कैसे बंपर कमाई की जा सकती है. जिससे डेयरी किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा.

इस मौके पर डॉ. जेपीएस गिल, वाइस-चांसलर, ने बताया कि दूध को अलग-अलग तरह के डेयरी प्रोडक्ट्स में वैल्यू एडिशन करने से न सिर्फ शेल्फ लाइफ और खाने की क्वालिटी बेहतर होती है, बल्कि किसानों की इनकम भी काफी बढ़ती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे और कमजोर डेयरी किसान मिलकर अपनी आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने के लिए वैल्यू एडिशन के तरीके अपना सकते हैं.

मिलावट का पता लगाने के लिए किट भी दी
डॉ. आरएस ग्रेवाल, डायरेक्टर ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन, ने बताया कि यह ट्रेनिंग NABARD द्वारा फंडेड रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत आयोजित किया गया था.

बता दें कि मुश्काबाद FAM डेयरी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, जो गांव मुश्काबाद (ब्लॉक समराला) में चल रही है, इंडियन कंपनीज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है और इसके 200 से ज्यादा किसान काम कर रहे हैं.

कॉलेज के डीन डॉ. संजीव कुमार उप्पल ने पार्टिसिपेंट्स को कॉलेज में मौजूद एडवांस्ड फैसिलिटीज और डेयरी वैल्यू एडिशन में बड़े मौकों के बारे में बताया. ताकि डेयरी फार्मिंग में प्रॉफिट बढ़ाया जा सके और लंबे समय तक सस्टेनेबिलिटी पक्की हो सके.

नाबार्ड के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट मैनेजर श्री संजीव कुमार ने पशुपालकों के लिए मौजूद अलग-अलग फाइनेंशियल और डेवलपमेंटल सपोर्ट स्कीम्स पर बात की.

इस बात पर जोर दिया गया कि FPO वेट वर्सिटी से टेक्निकल सपोर्ट और नाबार्ड से फाइनेंशियल मदद से चलता है.

प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. राजेश कसरिजा और डॉ. नरेंद्र कुमार चांदला ने बताया कि मिल्क वैल्यू एडिशन, चिलिंग, स्टोरेज, मिलावट टेस्टिंग, डेयरी प्रोडक्ट्स की इकोनॉमिक्स और मॉड्यूलर मिनी डेयरी यूनिट्स बनाने पर एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत हुई.

खोया और पनीर बनाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई, साथ ही एक्सपेरिमेंटल डेयरी प्लांट्स का एक्सपोजर विजिट भी कराया गया.

सभी ट्रेनी ​किसानों को यूनिवर्सिटी लिटरेचर और दूध में मिलावट का पता लगाने वाली किट बांटी गईं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy Sector: बिहार समेत पांच राज्यों में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर 4 फॉर्मूले पर होगा काम

नई दिल्ली. डेयरी के बिजनेस के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाने...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

MP Dairy News: 26 हजार गांवों से दूध संकलन का बनाया टारगेट, पांच साल में पूरा होगा ये लक्ष्य

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को देश की अग्रणी ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप...

डेयरी

Dairy News: अब पहले से मजबूत होगी सांची ब्रांड की गुणवत्ता और उपभोक्ता सेवा

नई दिल्ली. सांची ब्रांड की गुणवत्ता, सुरक्षित दुग्ध परिवहन और उपभोक्ता सेवाओं...

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
डेयरी

Dairy: मध्य प्रदेश में हर दिन 9.75 लाख लीटर दूध का हो रहा है कलेक्शन

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल...