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Dairy: एनडीडीबी के साथ आने के बाद मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मिले कई फायदे, पढ़ें यहां

बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री व तमाम अधिकारी.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री राज्य को मिल्क कैपिटल बनाने का सपना देख रहे हैं और चाहते हैं कि राज्य के किसान इस सेक्टर से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें. इसी कड़ी में एनडीडीबी के साथ काम किया जा रहा है. राज्य में दूध उत्पादन 9 फीसद से 20 फीसद करने की दिशा में राज्य को कामयाबी भी मिलना शुरू हो चुकी है. इस बात का खुलासा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तथा मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के बीच हुई एक अहम बैठक में हुआ. जहां एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने बताया कि राज्य में डेयरी सेक्टर में एनडीडीबी के साथ आने से कई सुधार हुए हैं.

बताते चलें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) तथा मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के मध्य संपादित सहकार्यता समझौते के प्रभावी संचालन के लिए गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की पहली बैठक आयोजित की गई. इस अहम बैठक में डेयरी सेक्टर में सुधार के लिए कई फैसले लिए गए.

क्या-क्या काम हुए
बैठक के दौरान अध्यक्ष, एनडीडीबी डॉ. मीनेश शाह ने एमएमपीसीडीएफ और उससे जुड़े छह दुग्ध संघों का कार्यभार संभालने के बाद अप्रैल–दिसंबर 2025 के दौरान हुई उपलब्धियों पर प्रेजेंटेशन दिया.

उन्होंने बताया कि अब तक 1,241 नई दूध सहकारी समितियों का गठन किया गया है तथा 635 निष्क्रिय समितियों को फिर से क्रियाशील बनाया गया है.

दूध संघों द्वारा दूध खरीदी मूल्यों में 2.50 रुपये से 8.50 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है.

सम्पूर्ण डेयरी वैल्यू चेन के डिजिटलीकरण के उद्देश्य से भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, बुंदेलखंड एवं जबलपुर दुग्ध संघों में सॉफ्टवेयर की शुरुआत की गई है.

इसके साथ ही, इंदौर दुग्ध संघ द्वारा दुग्ध संकलन हेतु मोबाइल ऐप लागू किया गया है, जिससे दूध की मात्रा, गुणवत्ता एवं मूल्य की जानकारी वास्तविक समय में उपलब्ध हो रही है.

साथ ही इंदौर में स्थापित 30 मीट्रिक टन क्षमता का दुग्ध पाउडर संयंत्र प्रारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा रहा है.

इसके अतिरिक्त, ग्वालियर डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. ताकि प्रोसेसिंग में कोई दिक्कत न आ सके.

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