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Dairy: मध्य प्रदेश में बन रही सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला

The sacorm of dairy cooperatives has inspired the spirit of cooperation in many ocher sectors.
प्रतीकात्मक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

नई दिल्ली. जितना जरूरी है दूध का उत्पादन है, उतना ही जरूरी ये भी है कि दूध की गुणवत्ता अच्छी हो. तभी इसका फायदा दूध इस्तेमाल करने वालों को होगा. दूध में मिलावट कोई नई बात नहीं है. ऐसा करने वालों की संख्या भी बहुत है. जिससे आम ग्राहकों को वाजिब पैसा देकर भी अच्छी क्वालिटी का दूध उपलब्ध नहीं हो पाता है. यहां तक कि, यूरिया और डिर्टेजन से बना दूध भी बाजार में अक्सर बेचा जाता है. जो आम लोगों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालता है.

जिसको देखते हुए मध्य प्रदेश की सरकार ने राज्य में पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला बनाने का फैसला किया है. ये प्रयोगशाला सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला होगी. जहां दूध व दूध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच आसानी से की जा सकेगी और ये बेहद ही विश्वसनीय भी होगी. इससे मिलावटी दूध और दूध उत्पादों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

दूध और दूध के उत्पाद की गुणवत्ता की जांच होगी आसान और विश्वसनीय
बताया जा रहा है कि प्रयोगशाला से दूध व दूध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच होगी सुलभ और विश्वसनीय होगी.

आम उपभोक्ताओं के साथ देश और प्रदेश की खाद्य उत्पादक संस्थाओं को इसका लाभ मिलेगा.

नेशनल डेयरी प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट के तहत इसका निर्माण किया जा रहा है.

बता दें कि मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन, भोपाल परिसर में प्रयोगशाला स्थापित हो रही है.

NABL और FSSAI से प्रयोगशाला को मान्यता मिली होगी.

केंद्र शासन के मार्ग दर्शन एवं वित्तीय सहयोग से इसकी स्थापना की जा रही है.

मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक मशीनों से दूध और दूध उत्पादों की जांच की जाएगी.

दूध और दूध उत्पादों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी.

पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटिक्स, हेवी मेटल्स, अफ्लाटॉक्सिन, वसा की शुद्धता, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ यूरिया, आयोडीन, माल्टोज, शुगर, नमक एवं अन्य प्रकार की मिलावटों की जांच की जा सकेगी.

इसकी स्थापना होते ही उच्च गुणवत्ता वाले दूध और दूध उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना सरकार के लिए आसान हो जाएगा.

खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आसान होगा.

निष्कर्ष
इस तरह की प्रयोगशाला से आम जनता को सबसे ज्यादा फायदा होगा. यदि वो दूध का उचित मूल्य अदा कर रहे हैं तो फिर उन्हें गुणवत्ता से भरपूर दूध और इससे बना उत्पादन इस्तेमाल करने को मिलेगा.

Written by
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